TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ के रायगढ़ ज़िले में पुलिस ने 'ऑपरेशन क्लीन हंट' के तहत निवेश के नाम पर क़रीब 1.77 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में एक शख़्स को गिरफ़्तार किया है.
पुलिस के मुताबिक़, पकड़े गए व्यक्ति का नाम विश्वजीत देवनाथ (43) है, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल के नदिया ज़िले का रहने वाला है. धोखाधड़ी के इस मामले में फ़रार चल रहे आरोपी को जांजगीर-चांपा ज़िले से हिरासत में लिया गया और अदालत में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत (रिमांड) में भेज दिया गया है.
कैसे बिछाया गया ठगी का जाल?
रायगढ़ के दरोगापारा इलाक़े के रहने वाले संजय मिश्रा ने 30 मई 2026 को कोतवाली थाने में एफ़आईआर दर्ज कराई थी. उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि साल 2022 में उनकी मुलाक़ात विश्वजीत देवनाथ से हुई थी.
आरोप है कि विश्वजीत ने ख़ुद को एलईडी (LED) बल्ब मैन्युफ़ैक्चरिंग और शेयर बाज़ार का कारोबारी बताया था. उसने लोगों को निवेश करने पर हर महीने 6 प्रतिशत ब्याज़ और 10 प्रतिशत मूलधन लौटाने का झांसा दिया. इस वादे पर भरोसा करके संजय मिश्रा ने एक बैंक से 12 लाख रुपये का लोन लेकर उसे दे दिए.
शुरुआत के कुछ महीनों तक तय रक़म नियमित रूप से मिलती रही, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ गया. इसके बाद संजय ने अपने परिचितों को भी निवेश के लिए राज़ी कर लिया.
13 से ज़्यादा लोगों से ठगे गए पैसे
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने संजय मिश्रा समेत विकास साहू, राकेश मनहर, रितेश साव और कई अन्य लोगों से कुल मिलाकर 1 करोड़ 77 लाख 10 हज़ार रुपये जमा करवा लिए.
निवेशकों को धोखाधड़ी का शक तब हुआ जब उन्हें पता चला कि शेयर ट्रेडिंग के लिए डीमैट (Demat) अकाउंट का होना ज़रूरी है, लेकिन आरोपी की तरफ़ से उन्हें ऐसा कोई दस्तावेज़ नहीं दिया गया था. इसके बाद कोतवाली थाने में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया गया.
'शेयर बाज़ार में हुआ नुक़सान'
पुलिस पूछताछ में आरोपी विश्वजीत देवनाथ ने लोगों से पैसे लेकर अलग-अलग ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए शेयर बाज़ार में लगाने की बात स्वीकार की है. उसका दावा है कि शुरुआत में उसने निवेशकों को पैसे लौटाए, लेकिन मई 2025 के बाद शेयर बाज़ार में भारी नुक़सान उठाना पड़ा, जिसकी वजह से वह लोगों के पैसे वापस नहीं कर सका.
पुलिस का कहना है कि आरोपी के ख़िलाफ़ जांजगीर-चांपा में भी धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज है और वहां की पुलिस पहले ही उसकी गाड़ी (फॉर्च्यूनर) और बैंक के दस्तावेज़ ज़ब्त कर चुकी है. फ़िलहाल, रायगढ़ पुलिस आरोपी के बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है.
