TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री और बिलासपुर के प्रभारी मंत्री अरुण साव के आज 'स्कूटी दौरे' के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने विकास कार्यों के निरीक्षण का स्वागत तो किया है, लेकिन साथ ही प्रभारी मंत्री से जनता और पार्षदों से सीधे संवाद करने की मांग उठाई है.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता अभय नारायण राय ने इस दौरे पर तंज़ कसते हुए कहा, “उप मुख्यमंत्री जी देर आए, दुरुस्त आए. आख़िरकार उन्हें बिलासपुर का ख़्याल आया और शहर के विकास कार्यों की याद आई.”
'निरीक्षण के साथ जन-संवाद भी ज़रूरी'
कांग्रेस प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा कि अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें और विकास कार्यों का निरीक्षण करना एक अच्छी बात है, लेकिन शहर की वास्तविक समस्याओं से जूझ रही आम जनता और नगर निगम के निर्वाचित पार्षदों से बात करना भी उतना ही आवश्यक है.
पार्टी ने कहा कि अगर उप मुख्यमंत्री सिर्फ़ अधिकारियों की बजाय आम लोगों के बीच जाकर संवाद करते, तो उन्हें ज़मीनी हालात की वास्तविक और सटीक जानकारी मिल पाती.
बुनियादी सुविधाओं और जलभराव का मुद्दा
कांग्रेस ने बारिश के मौसम का हवाला देते हुए शहर की बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठाए हैं. पार्टी का कहना है कि:
मानसून शुरू हो चुका है, लेकिन शहर में नालियों की सफ़ाई न होने से लोग परेशान हैं.
कई इलाक़ों में जलभराव का ख़तरा बना हुआ है.
शुद्ध पेयजल और नगर निगम की रोज़मर्रा की सेवाओं को लेकर नागरिक लगातार शिकायतें कर रहे हैं.
भाजपा की कथित अंदरूनी कलह पर भी निशाना
कांग्रेस ने इस मौक़े पर नगर निगम में सत्तारूढ़ दल (भाजपा) के भीतर चल रहे कथित विवादों को भी उठाया. अभय नारायण राय ने कहा कि नगर निगम में महापौर, एमआईसी (MIC) सदस्यों और भाजपा पार्षदों के बीच सार्वजनिक रूप से जो आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं, वे किसी से छिपे नहीं हैं.
कांग्रेस का कहना है कि यदि प्रभारी मंत्री शहर के दौरे पर आए ही थे, तो उन्हें इन राजनीतिक और प्रशासनिक हालात का भी संज्ञान लेना चाहिए था.
कांग्रेस ने प्रभारी मंत्री से पूछे ये प्रमुख सवाल:
अपने बयान के अंत में कांग्रेस ने उप मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के समक्ष कुछ सीधे सवाल रखे हैं:
उप मुख्यमंत्री आम जनता और नगर निगम के पार्षदों के बीच बैठकर उनसे सीधा संवाद कब करेंगे?
बारिश से पहले शहर में नालियों की सफ़ाई और जल निकासी (Drainage) की व्यवस्था पर ज़मीनी स्तर पर क्या कार्रवाई हुई है?
शुद्ध पेयजल आपूर्ति और निगम की रोज़मर्रा की सेवाओं में आ रही शिकायतों का समाधान कब तक होगा?
नगर निगम में महापौर, एमआईसी सदस्यों और भाजपा पार्षदों के बीच चल रहे आपसी विवादों पर प्रभारी मंत्री का क्या रुख़ है?
