रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़ / जिले की कानून व्यवस्था और अपराध जांच प्रणाली को आधुनिक और वैज्ञानिक स्वरूप देने की दिशा में रायगढ़ को बड़ी सौगात मिली है। शुक्रवार को क्षेत्रीय एफएसएल कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया गया।
महापौर जीववर्धन चौहान, सभापति डिग्रीलाल साहू और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने हरी झंडी दिखाकर मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट को रवाना किया। शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई यह हाईटेक यूनिट अब घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच, साक्ष्य संकलन और डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण करने में सक्षम होगी।
कार्यक्रम में महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पुलिस और न्याय व्यवस्था को आधुनिक तकनीकों से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ में क्षेत्रीय एफएसएल लैब की स्थापना के बाद अब मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट शुरू होने से अपराध जांच और अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इसे पुलिस आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि पिछले कुछ महीनों में जिले को साइबर थाना, क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला और डायल-112 के लिए आधुनिक ईआरवी वाहन मिले हैं। अब मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट जुड़ने से घटनास्थल पर तत्काल वैज्ञानिक जांच संभव हो सकेगी, जिससे अपराधियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाने में मदद मिलेगी।
उप संचालक एफएसएल एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी पीएस भगत ने बताया कि नए आपराधिक कानूनों के तहत गंभीर अपराधों और बड़ी दुर्घटनाओं में फॉरेंसिक टीम की तत्काल मौजूदगी जरूरी हो गई है। ऐसे में यह मोबाइल यूनिट मौके पर पहुंचकर त्वरित वैज्ञानिक परीक्षण करेगी, जिससे जांच की गुणवत्ता और विश्वसनीयता दोनों बढ़ेंगी।
मोबाइल फॉरेंसिक वैन “लैब ऑन व्हील्स” सुविधा से लैस है। इसमें हाईटेक सीसीटीवी कैमरे, कंप्यूटर, फिंगरप्रिंट डेवलपमेंट किट, डीएनए सैंपल संग्रह उपकरण, डिजिटल फॉरेंसिक टूल्स, जीएसआर जांच किट, दस्तावेजीकरण उपकरण और जीपीएस आधारित बॉडी वॉर्न कैमरा जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे घटनास्थल पर ही महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य सुरक्षित किए जा सकेंगे और अभियोजन प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।
