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शीत सत्र : विधानसभा में गूंजा राजकीय गान, दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि

TODAY छत्तीसगढ़  / विधानसभा के शीतकालीन सत्र के सोमवार को देश और प्रदेश की छह दिवंगत नेता पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर, पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली, पूर्व विधायक मालू राम सिंघानिया, पूर्व सांसद डॉ. बंशीलाल महतो और मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी को विनम्र श्रद्धांजलि दी गई। सदन में पहली बार राजकीय गान गूंजा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने दिवंगत नेताओं के जीवन, व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए, उनके देश और प्रदेश की राजनीति में योगदान का स्मरण किया और उनके निधन को एक अपूरणीय क्षति बताया।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे एक प्रखर वक्ता और कुशल प्रशासक थीं। भाषा और कानून पर उनकी अच्छी पकड़ थी। अनेक भाषाओं का उनको ज्ञान था। देश की विदेश मंत्री, दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री, सूचना प्रसारण मंत्री, दूरसंचार मंत्री, नेताप्रतिपक्ष के रूप में उन्होंने देश की उल्लेखनीय सेवा की। उनका निधन भारत की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। श्री बघेल ने अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं कहा की मध्यप्रदेश की विधानसभा में उनके साथ बैठने और सुनने का अवसर मिला। उनकी पहचान एक आंदोलनकारी और श्रमिक नेता के रूप में थी।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री सहित गृह, विधि विधायी, नगरी प्रशासन, आवास एवं पर्यावरण, श्रम, भोपाल गैस राहत एवं पुनर्वास मंत्री, उद्योग विभाग सहित अनेक विभागों के मंत्री के रूप में उन्होंने प्रदेश के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया। देश के पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे कुशल रणनीतिकार और कानून विद थे। सूचना प्रसारण मंत्री, वित्त मंत्री, वाणिज्य और उद्योग मंत्री के रूप में उन्होंने देश की उल्लेखनीय सेवा की। भारतीय संसद की चर्चा प्रक्रिया को उन्होंने समृद्ध किया। संसदीय चर्चा में उनका अमूल्य योगदान रहा। TODAY छत्तीसगढ़ के WhatsApp ग्रुप में जुड़ने के लिए क्लिक करें 
अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व सदस्य मालूराम सिंघानिया को याद करते हुए श्री बघेल ने कहा कि वे सहज, सरल और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने गौ-सेवा के क्षेत्र में बड़ा काम किया। पूर्व सांसद डॉ. बंशीलाल महतो को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में दो बार उनसे मुलाकात हुई थी और ऐसा लगता नहीं था कि वे असमय हमें छोड़ कर चले जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि स्वर्गीय श्री जोशी के साथ उन्हें विधानसभा में बैठने और उनके अनेक उद्बोधन सुनने का अवसर मिला। मध्यप्रदेश के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने काम किया। उनका प्रदेश के विकास में उल्लेखनीय योगदान रहा। उनका निधन हम सबके लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने सभी दिवंगत विभूतियों के शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की राजनीति में इन महान विभूतियों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, पूर्व मंत्री और विधायक बृजमोहन अग्रवाल और विधायक केशव चंद्रा ने भी दिवंगत विभूतियों को श्रद्धांजलि दी।
कवर्धा के ठग ने जोगी के नाम से बाबूलाल गौर से 50 लाख लिए थे...
पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के साथ अपने संबंधों को याद करते हुए कहा कि वे सहज और सरल नेता थे। उन्होंने कहा कि एक बार कवर्धा के एक ठग ने श्री गौर को मेरी (जोगी)आवाज में फोन किया और 50 लाख की जरूरत बताई। श्री जोगी ने बताया कि श्री गौर ने इसका सत्यापन किए बिना उसे 50 लाख रूपए दे भी दिए। बाद में सेंट्रल हॉल में उनकी श्री गौर से मुलाकात हुई, तो उन्होंने कहा कि भाई साहब, मैंने आपका काम कर दिया है। तब उन्हें मामले की जानकारी हुई।
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