थाने में नहीं सुनी गई फरियाद, बहनों ने SSP से लगाई गुहार


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /   जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। कोनी थाना क्षेत्र से आए एक मामले में दो बहनों ने अपने पति और जेठ पर मारपीट व दहेज प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िताओं ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई और कोनी पुलिस पर शिकायत दर्ज न करने का आरोप भी लगाया है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम करही निवासी पायल लोनिया और अंजना लोनिया अपनी मां उर्मिला लोनिया के साथ शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं। दोनों बहनों के सिर और हाथों में चोट के निशान थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति और जेठ ने तलवार और रॉड से हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं।

पीड़िताओं का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में कोनी थाने में शिकायत करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की और उन्हें वहां से भगा दिया। उन्होंने एसएसपी के समक्ष लिखित इकरारनामा भी प्रस्तुत किया, जिसमें आरोपियों ने दहेज के लिए प्रताड़ित न करने की बात स्वीकार की थी।

परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही और असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। मामले ने एक बार फिर महिला संबंधी अपराधों में पुलिस के रवैये पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि एसएसपी स्तर पर दिए गए आवेदन के बाद मामले में क्या कार्रवाई होती है और पीड़िताओं को न्याय मिल पाता है या नहीं।

जनगणना: कलेक्टर,एसएसपी समेत कई अधिकारी प्रगणक बनकर पहुंचे घरों में


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  राष्ट्रीय जनगणना कार्य के दूसरे दिन शहरी क्षेत्र में व्यवस्थाओं का जायजा लेने और कर्मचारियों का उत्साहवर्धन के लिए जिले के कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल,एसएसपी श्री रजनेश सिंह और निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे ने जनगणना कार्य का निरीक्षण किया। जिसके तहत नगर निगम क्षेत्र के जोन क्रमांक 7 अंतर्गत वार्ड 58 में रामा ग्रीन सिटी फेज 2 में चल रहें जनगणना कार्य को अधिकारियों ने देखा। इस दौरान काॅलोनी के कुछ मकानों में कलेक्टर,एसएसपी और निगम कमिश्नर ने खुद प्रगणक बनकर रहवासियों से जानकारी एकत्रित किया और पोर्टल में सबमिट किया।

   इस दौरान उन्होंने गणना कार्य में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों से चर्चा कर कार्य की प्रगति और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर कलेक्टर श्री अग्रवाल ने कहा कि जनगणना देश के विकास और नीति निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जनगणना कर्मियों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराकर सहयोग करें। चर्चा करने पर प्रगणकों ने बताया कि लगभग 5 मिनट में 33 बिंदुओं पर आधारित जानकारी ऑनलाइन पोर्टल में सफलतापूर्वक दर्ज हो रही है। हाईटेक व्यवस्था हो जाने से जनगणना कार्य सरल और सहज रूप से क्रियान्वित हो रहा है।

विदित है कि जनगणना में दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाती हैं। व्यक्तिगत आंकड़ों को किसी व्यक्ति या संस्था के साथ साझा नहीं किया जा सकता तथा यह सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत भी उपलब्ध नहीं कराई जाती। इन आंकड़ों का उपयोग केवल शासन की नीतियों एवं योजनाओं के निर्माण में किया जाता है। इस अवसर पर एडीएम सह जिला जनगणना अधिकारी शिव कुमार बनर्जी, जोन कमिश्नर भी उपस्थित थे।

गला दबाकर हत्या, फिर शव फेंककर भागा आरोपी


रायगढ़। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  थाना कापू पुलिस ने ग्राम कुम्हीचुआ में युवक की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उधारी के पैसे को लेकर हुए विवाद ने हत्या का रूप ले लिया था। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।     

जानकारी के अनुसार, 27 अप्रैल को देवव्रत तुरी (30) का शव उसके निर्माणाधीन मकान के पीछे संदिग्ध स्थिति में मिला था। प्रारंभिक जांच के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने और गले की हड्डी टूटने से मौत की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। मृतक के शरीर पर संघर्ष के निशान भी मिले। पुलिस ने परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ के बाद संदेह के आधार पर करमसाय नगेसिया (42) को हिरासत में लिया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मृतक ने उससे करीब 5 हजार रुपये उधार लिए थे, जिसे लंबे समय से वापस नहीं किया जा रहा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच रंजिश चल रही थी। 26 अप्रैल की रात आरोपी ने गुस्से में आकर मृतक का गला और मुंह दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को घर के पीछे फेंक दिया ताकि मामला छुपाया जा सके। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छुपाने की धाराओं में कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

ट्रैक्टर हादसे में बड़ा खुलासा ! साक्ष्य छुपाने की कोशिश उजागर


रायगढ़।
  TODAY छत्तीसगढ़  /धरमजयगढ़ क्षेत्र में ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे में हुई मौत के मामले में जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि घटना के बाद साक्ष्य छुपाने और पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया गया था। इसके बाद आरोपी के खिलाफ अतिरिक्त धाराएं बढ़ा दी गई हैं।

मामले में मीडिया में आई खबरों को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने एसडीओपी धरमजयगढ़ से जांच कराई। जांच में पाया गया कि 29 अप्रैल 2026 को मांड नदी के पास ट्रैक्टर धोने के दौरान ट्रॉली गिरने से सहेसराम मांझी की मौत हो गई थी।

घटना की सूचना पुलिस को करीब दो घंटे की देरी से दी गई। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां एक हरे रंग का ट्रैक्टर और लाल ट्रॉली खड़ी मिली, जबकि बाद की जांच में खुलासा हुआ कि दुर्घटना में प्रयुक्त मूल ट्रैक्टर अलग था। जांच में सामने आया कि आरोपी चालक फुलजेंस मिंज ने साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से घटना में शामिल लाल रंग के ट्रैक्टर को मौके से हटाकर उसकी जगह दूसरा वाहन खड़ा कर दिया था।

पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) (लापरवाही से मृत्यु कारित करना) और धारा 238 (साक्ष्य छुपाना) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 भी जोड़ी गई है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि साक्ष्य छुपाने और पुलिस को गुमराह करने के प्रयास को गंभीरता से लिया गया है और साक्ष्यों के आधार पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। 


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