बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / ज़िले में वन विभाग ने वन्यजीव शिकार से जुड़े एक मामले में छह लोगों को गिरफ़्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई बेलगहना क्षेत्र में स्थित कुरदर के एक ईको पर्यटन रिसॉर्ट में की गई, जहां कथित तौर पर चीतल (हिरण) का मांस पकाया जा रहा था।
वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि वनमंडल अधिकारी नीरज कुमार को इस संबंध में सूचना मिली थी। इसके बाद एक टीम गठित कर रिसॉर्ट पर छापा मारा गया। टीम का नेतृत्व वन परिक्षेत्र अधिकारी देव सिंह मरावी कर रहे थे, जबकि कार्रवाई उपवनमंडल अधिकारी अनिल भास्करन के मार्गदर्शन में की गई।
अधिकारियों के मुताबिक, मौके से पका हुआ मांस बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में इसे नर चीतल का मांस बताया गया है। इस मामले में जिन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है, उनसे पूछताछ के दौरान कथित तौर पर शिकार और मांस पकाने की बात स्वीकार की गई।
वन विभाग ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं—9, 39, 44, 50 और 51—के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये धाराएं वन्यजीवों के शिकार, उनके अवैध कब्जे और संबंधित गतिविधियों को दंडनीय बनाती हैं।
गिरफ़्तार किए गए लोगों में रामकुमार टोप्पो, जनक राम बैगा, देवसिंह बैगा, राजेश बैगा, लखन सिंह और रजनीश सिंह शामिल हैं। सभी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बिलासपुर की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वन विभाग का कहना है कि मामले की आगे जांच जारी है और इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी।
कार्रवाई में वन विभाग बेलगहना के परिक्षेत्र सहायक शिवकुमार पैकरा, बीएफओ संतकुमार वाकरे, पंकज साहू, सोमप्रकाश जयसिंधु, सावन यादव, वन विकास निगम रेंजर रवि जगत, डिप्टी रेंजर अरविंद बंजारे और नंदकिशोर सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।





