रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़ / पुलिस द्वारा “ऑपरेशन अंकुश” के तहत ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। सोमवार को रायगढ़ के एक और बड़े सट्टा खाईवाल जसमीत बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
आरोपी जसमीत बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार (40 वर्ष), निवासी गोपी टॉकीज के पास, रायगढ़, आज एसपी कार्यालय पहुंचा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के समक्ष प्रस्तुत होकर सट्टे के अवैध कारोबार से तौबा करने की बात कही। आरोपी ने कहा कि वह अब समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नया जीवन शुरू करना चाहता है।
इस दौरान एसएसपी शशि मोहन सिंह ने आरोपी को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि रायगढ़ पुलिस की निगरानी में सट्टा और अन्य अवैध कारोबार से जुड़े सभी लोग हैं और कोई भी अपराधी ज्यादा दिनों तक फरार नहीं रह सकता। उन्होंने आरोपी को अपराध से दूर रहकर सामाजिक जीवन अपनाने की समझाइश दी।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि फरारी के दौरान वह लगातार डर और तनाव में जी रहा था तथा परिवार की चिंता उसे परेशान कर रही थी। उसने भविष्य में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि में शामिल नहीं होने की बात कही। साथ ही युवाओं और ऑनलाइन सट्टा खेलने वालों से भी ऐसे कारोबार से दूर रहने की अपील की।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि जसमीत बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार, आरोपी करन चौधरी उर्फ करन अग्रवाल के नेटवर्क का संचालन संभालता था और स्वयं भी बड़ा सट्टा खाईवाल बन चुका था। घरघोड़ा में पकड़े गए गौतम भोजवानी तथा रायपुर के कई बड़े सट्टा संचालकों मोहित सोमानी और प्रकाश वाधवानी के साथ उसके संबंधों के प्रमाण भी मिले हैं। फिलहाल थाना साइबर प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस द्वारा उसकी हवाला रकम के लेन-देन और पूरे सट्टा नेटवर्क में भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है।



