मनेंद्रगढ़। TODAY छत्तीसगढ़ / मनेंद्रगढ़ उपजेल में पदस्थ प्रहरी संतोष तिवारी का रिश्वत लेते कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। वीडियो सामने आने के बाद जेल विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रहरी को निलंबित कर दिया है। वायरल वीडियो में प्रहरी संतोष तिवारी कथित रूप से 50 हजार रुपये लेते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह ‘राधे-राधे’ बोलते हुए नोटों की गड्डियां गिनकर जेब में रखते नजर आ रहा है।
जानकारी के अनुसार, विचाराधीन कैदियों के परिजनों से सुविधा देने और प्रताड़ना से बचाने के नाम पर अवैध वसूली किए जाने के आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि परिजनों से करीब 1 लाख 30 हजार रुपये तक की रकम वसूली गई थी। वायरल वीडियो में प्रहरी एक घर के सोफे पर बैठकर नोट गिनता दिखाई दे रहा है।
वीडियो वायरल होने के बाद जेल विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल अधीक्षक द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया कि प्रहरी का आचरण ‘सिविल सेवा आचरण नियम 1965’ के नियम-3 का गंभीर उल्लंघन है। जेल प्रशासन ने संतोष तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय केन्द्रीय जेल अंबिकापुर निर्धारित किया गया है। आदेश में कर्तव्य के प्रति लापरवाही, भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता को कार्रवाई का आधार बताया गया है। मामले को लेकर विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।



