बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / तारबाहर पुलिस ने साइबर अपराध के “स्लीपर सेल” बन चुके म्यूल अकाउंट सिंडिकेट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों से बैंक खाते और बैंकिंग जानकारी लेकर उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाता था तथा बदले में कमीशन लेता था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दीपेश कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। वह सूरजपुर जिले का रहने वाला बताया गया है।
पुलिस के अनुसार 13 मई को थाना तारबाहर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक युवक स्टेट बैंक व्यापार विहार क्षेत्र में घूमकर लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते हासिल करने की कोशिश कर रहा है।सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पटेल और सीएसपी गगन कुमार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रविन्द्र अनंत के नेतृत्व में टीम गठित कर दबिश दी गई।
पुलिस ने मौके से संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने स्वीकार किया कि वह लोगों के बैंक खाते, एटीएम और बैंकिंग जानकारी लेकर अन्य लोगों को उपलब्ध कराता था। जांच के दौरान आरोपी के कब्जे से जब्त मोबाइल फोन में कई बैंक खातों और संपर्कों की जानकारी मिली है। पुलिस अब मोबाइल डेटा और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऐसे “म्यूल अकाउंट सिंडिकेट” साइबर अपराधियों के लिए “स्लीपर सेल” की तरह काम करते हैं। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर और निकालने के लिए किया जाता है, जिससे असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
बिलासपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कमीशन के लालच में किसी को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या इंटरनेट बैंकिंग सुविधा उपलब्ध न कराएं। ऐसा करना भी साइबर अपराध में शामिल माना जा सकता है।



