नई दिल्ली/जयपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में नई रेल सेवा की शुरुआत की गई है। जयपुर (खातीपुरा)-टाटानगर-सांतरागाछी एक्सप्रेस ट्रेन को सोमवार को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए, जबकि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर ट्रेन को रवाना किया।
नई ट्रेन सेवा से जयपुर, जमशेदपुर और कोलकाता के बीच रेल संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। इससे प्रवासी श्रमिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और विभिन्न राज्यों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। साथ ही रोजगार, शिक्षा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
झारखंड में रेलवे परियोजनाओं पर 75 हजार करोड़ रुपये खर्च
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने झारखंड में रेलवे के विकास से जुड़ी परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में रेलवे बजट का आवंटन पहले के 450 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,500 करोड़ रुपये हो गया है। यह पूर्व आवंटन की तुलना में लगभग 16 गुना है। उन्होंने कहा कि झारखंड में करीब 75,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
रेल मंत्री के अनुसार, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत झारखंड के 57 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इनमें गोड्डा, गोविंदपुर रोड, लोहरदगा, मधुपुर और मुरी सहित कई स्टेशनों पर काम पूरा हो चुका है।
देशभर में 1,300 से अधिक स्टेशनों का पुनर्विकास
रेल मंत्री ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत देशभर में 1,300 से अधिक रेलवे स्टेशनों को पुनर्विकास के लिए चुना गया है। पश्चिम बंगाल के सांतरागाछी, जलपाईगुड़ी रोड, जयचंडी पहाड़, हल्दिया और कामाख्यागुड़ी सहित कई स्टेशनों पर भी विकास कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि रेलवे आम लोगों, विशेषकर मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए किफायती परिवहन का प्रमुख साधन है। ऐसे में स्टेशनों का आधुनिकीकरण और रेल कनेक्टिविटी में सुधार यात्रियों के लिए सुविधाजनक साबित होगा।
हावड़ा-टाटानगर रेलखंड पर चार लाइनें बिछाने का काम जारी
रेल मंत्री ने बताया कि हावड़ा, खड़गपुर, चाकुलिया और टाटानगर को जोड़ने वाले रेलखंड पर चार लाइनें बिछाने का काम किया जा रहा है। इसके अलावा कोलकाता मेट्रो के बेलघाटा-आईटी सेंटर से संबंधित 4.5 किलोमीटर लंबे सेक्शन का निर्माण पूरा हो चुका है और इस पर ट्रायल रन शुरू हो गए हैं। इस सेक्शन से ग्रीन लाइन की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
पश्चिम बंगाल के रेल बजट में भी बढ़ोतरी
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं के लिए रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 से 2014 के दौरान पश्चिम बंगाल के लिए रेलवे बजट का औसत वार्षिक आवंटन 4,380 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2026-27 में बढ़कर 14,205 करोड़ रुपये हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे बजट में बढ़ोतरी से राज्य में रेल अवसंरचना के विकास और कनेक्टिविटी में सुधार को गति मिलेगी। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष, महापौर सुनील कोठारी, सांसद विद्युत बरन महतो, सांसद मंजू शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। नई एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत को पांच राज्यों के बीच यात्री आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

