रीवा / TODAY छत्तीसगढ़ / विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। सतना–देवेंद्रनगर के 53 किलोमीटर और रीवा–चुरहट के 65 किलोमीटर लंबे रेलखंडों का 24 अक्टूबर 2026 को शुभारंभ किया गया। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में देवेंद्रनगर–चुरहट नई यात्री रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रेल मंत्री कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।
दोनों रेलखंडों के शुरू होने से खास तौर पर सीधी जिले के लोगों को रेल नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और दैनिक यात्रियों के लिए आवागमन आसान होने के साथ ही उद्योगों, किसानों और स्थानीय व्यापार को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
₹1,943 करोड़ से तैयार हुए दोनों रेलखंड
ललितपुर–सिंगरौली रेल परियोजना के तहत सतना–देवेंद्रनगर रेलखंड का निर्माण करीब ₹873 करोड़ की लागत से किया गया है। इसकी लंबाई लगभग 53 किलोमीटर है। फुलवारी से देवेंद्रनगर के बीच अंतिम 8 किलोमीटर का काम पूरा होने के बाद यह रेलखंड परिचालन के लिए तैयार हुआ।
वहीं, रीवा–चुरहट के बीच करीब 65 किलोमीटर लंबी रेल लाइन लगभग ₹1,070 करोड़ की लागत से बनाई गई है। रामपुर नैकिन से चुरहट तक लगभग 22.5 किलोमीटर रेल लाइन का काम पूरा होने के साथ परियोजना का यह हिस्सा भी पूरा हो गया। चुरहट तक रेल संपर्क बनने से सीधी जिले के लोगों को देश के रेल नेटवर्क से जुड़ने का नया विकल्प मिला है।
रेल मंत्री बोले- शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच होगी आसान
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र में विकास के नए अवसर खुलेंगे। इससे शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
रेल मंत्री के मुताबिक, मध्य प्रदेश में करीब ₹1 लाख करोड़ की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें नई रेल लाइनें, दोहरीकरण, तीसरी और चौथी लाइन तथा आमान परिवर्तन से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। इनके पूरा होने से भविष्य में लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ मेमू और इंटरसिटी जैसी छोटी दूरी की रेल सेवाएं बढ़ाने की संभावनाएं बनेंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया क्षेत्र के लिए दिवाली का उपहार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई रेल कनेक्टिविटी को विंध्य और बुंदेलखंड के लोगों के लिए दिवाली का उपहार बताया। उन्होंने कहा कि 541 किलोमीटर लंबी ललितपुर–सिंगरौली रेल परियोजना उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच संपर्क मजबूत करेगी। इससे ललितपुर, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, रेल संपर्क बेहतर होने से किसानों को बड़े बाजारों तक पहुंचने, उद्योगों को माल परिवहन और युवाओं को शिक्षा व रोजगार के अवसरों तक पहुंचने में सुविधा होगी। इससे पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।
सीधी जिले को रेल संपर्क से मिलेंगे नए अवसर
रीवा–चुरहट रेलखंड से सीधी जिले के नागरिकों को सतना और रीवा के रास्ते रेल सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी। विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों, मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं और नौकरीपेशा लोगों को रोजगार के अवसरों तक पहुंचने के लिए नया परिवहन विकल्प मिलेगा।
क्षेत्र में चूना पत्थर और अन्य खनिजों की उपलब्धता तथा सीमेंट उद्योग की संभावनाओं को देखते हुए रेल संपर्क माल ढुलाई को भी आसान बना सकता है। इससे औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।
उद्योगों और किसानों को फायदा
सतना और आसपास के क्षेत्रों में सीमेंट तथा अन्य खनिज आधारित उद्योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नई रेल लाइन से सीमेंट, क्लिंकर और दूसरे माल के परिवहन को सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है। इससे सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने और उद्योगों की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था बेहतर करने की संभावनाएं हैं।
देवेंद्रनगर, नागौद और पन्ना क्षेत्र के किसानों तथा ग्रामीण व्यापारियों को भी बड़े बाजारों तक पहुंचने के नए विकल्प मिलेंगे। कृषि उपज, स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प के परिवहन से व्यापार, वेयरहाउसिंग और अन्य सहायक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
पर्यटन और स्थानीय रोजगार को
विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र में प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के कई पर्यटन स्थल हैं। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से पन्ना, खजुराहो और रीवा सहित आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिल सकती है।
सफेद बाघ सफारी मुकुंदपुर, चचाई और बहुती जलप्रपात, रीवा किला तथा गोविंदगढ़ जैसे स्थलों की यात्रा में सुविधा बढ़ने से पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने पर स्थानीय परिवहन, होटल, गाइड, हस्तशिल्प और छोटे कारोबारों को भी लाभ मिल सकता है।
पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर
रेल मंत्री ने परियोजना से जुड़े पौधरोपण कार्यों की निगरानी पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित रेलवे अधिकारियों और जिला प्रशासन को लगाए गए पौधों का निरीक्षण करने तथा उनके जीवित रहने की स्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जरूरत पड़ने पर नए पौधे लगाने की बात भी कही।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
चुरहट रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा और सीधी सांसद राजेश मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। नागौद रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी, सतना सांसद गणेश सिंह और खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

