TODAY छत्तीसगढ़ / रायगढ़ ज़िले में पुलिस ने एक राहगीर से लूट के मामले को 24 घंटे के भीतर सुलझाते हुए दो लोगों को गिरफ़्तार किया है. अभियुक्तों पर एक सेल्समैन से मारपीट कर 15,200 रुपये लूटने का आरोप है.
पुलिस के अनुसार, गिरफ़्तार किए गए दोनों व्यक्ति आदतन अपराधी हैं और इनमें से एक घटना से महज़ तीन दिन पहले ही जेल से रिहा होकर बाहर आया था. दोनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत (रिमांड) में जेल भेज दिया गया है.
देर रात काम से लौटते वक़्त हुई वारदात
रायगढ़ पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक़, ढिमरापुर निवासी त्रिनाथ सामल (31 वर्ष) एक ज्वेलरी शॉप में सेल्समैन का काम करते हैं. 29 जून की रात वे दफ़्तर के काम से रायपुर से वापस लौटे थे.
रात क़रीब 12:30 बजे जब वे ढिमरापुर रोड स्थित आदित्य मोटर्स के पास से गुज़र रहे थे, तभी दो युवकों ने उन्हें रोका. विरोध करने पर युवकों ने उनके साथ मारपीट की और जेब में रखे 15,200 रुपये लूटकर फ़रार हो गए. पीड़ित ने इसकी शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज़ कराई.
सीसीटीवी और शिनाख्त परेड
घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फ़ुटेज खंगाले और मुखबिरों की मदद ली. फ़ुटेज में दिखे संदिग्धों की पहचान रामभाठा (जवाहर नगर) निवासी नीरज टोप्पो (19 वर्ष) और शैलेष मिंज (22 वर्ष) के रूप में हुई.
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को रामभाठा मुक्तिधाम के पास से हिरासत में ले लिया. एक कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कराई गई 'शिनाख्त परेड' में पीड़ित ने दोनों अभियुक्तों को पहचान लिया.
ओडिशा में ख़र्च किए लूटे हुए पैसे
पूछताछ में अभियुक्तों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है. उन्होंने पुलिस को बताया कि लूट की वारदात के बाद वे पैसे लेकर ओडिशा (झारसुगुड़ा) घूमने चले गए थे और ज़्यादातर रक़म वहीं ख़र्च कर दी. पुलिस ने उनके पास से महज़ 700 रुपये बरामद किए हैं.
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक़, नीरज टोप्पो के ख़िलाफ़ पहले से चोरी और लूट के तीन मामले, जबकि शैलेष मिंज के ख़िलाफ़ दो मामले दर्ज़ हैं. कोतवाली पुलिस ने दोनों के ख़िलाफ़ 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की धारा 309(6) और 3(5) के तहत मामला (अपराध क्रमांक 346/2026) दर्ज़ कर लिया है.
इस कार्रवाई के बाद रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि ज़िले में लूट और सड़क अपराध करने वालों पर सख़्ती बरती जाएगी.

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