FOREX ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का झांसा देकर 74 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो आरोपियों को रायपुर पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, न्यू राजेंद्र नगर निवासी बहादुर आर्य ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने गूगल पर FOREX ट्रेडिंग सर्च किया था। इसके बाद उन्हें FIRSTIFY नामक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ दिया गया। ग्रुप के सदस्यों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर उन्हें और उनके भतीजे को अलग-अलग किश्तों में कुल 74 लाख रुपये निवेश करने के लिए तैयार किया। रकम जमा होने के बाद न तो कोई लाभ मिला और न ही निवेश की गई राशि वापस की गई।
शिकायत मिलने पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) संदीप पटेल के संयुक्त निर्देशन में गठित टीम ने मोबाइल नंबर, बैंक खातों, टेलीग्राम आईडी, व्हाट्सएप प्रोफाइल और डिजिटल ट्रांजेक्शन का गहन विश्लेषण किया।
तकनीकी जांच के दौरान आरोपियों की लोकेशन राजस्थान में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां लगातार कैंप कर मुकेश कुमार मीणा (26) निवासी जयपुर और संदीप कुमार (24) निवासी सीकर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी करना स्वीकार किया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और देशभर में हुई इसी तरह की ठगी के मामलों का पता लगाया जा सके।
रायपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया, टेलीग्राम ग्रुप या अनजान वेबसाइटों पर दिखाए जाने वाले 'गारंटीड हाई रिटर्न' के झांसे में न आएं। किसी भी ऑनलाइन निवेश से पहले संबंधित प्लेटफॉर्म की वैधता की जांच अवश्य करें और साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

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