रायपुर। रायपुर पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और टिकरापारा थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 46.1 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। पुलिस के अनुसार इस मामले में दो महिलाओं समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि कार्रवाई के दौरान ओडिशा से जुड़े एक कथित अंतर्राज्यीय गांजा सप्लाई नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है।
पुलिस के मुताबिक 11 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि टिकरापारा थाना क्षेत्र के कमल विहार इलाके में कुछ लोग बड़ी मात्रा में गांजा लेकर सप्लाई के लिए आने वाले हैं। सूचना के आधार पर एएनटीएफ और टिकरापारा थाना पुलिस ने संयुक्त टीम बनाकर कमल विहार रोड स्थित शिव मंदिर के सामने नीलगिरी प्लांटेशन के पास घेराबंदी की।
पुलिस का कहना है कि मौके पर एक दोपहिया वाहन के साथ तीन संदिग्ध व्यक्ति मिले। पुलिस को देखकर उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया। पूछताछ में उनकी पहचान कमलेश सोनवानी, राजा टंडन और नीतू टंडन के रूप में हुई। वाहन की तलाशी लेने पर तीन बोरियों और एक थैले में गांजा बरामद होने का दावा किया गया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांजा ओडिशा के कालाहांडी जिले से लाया गया था। इसके बाद पुलिस ने कथित सप्लाई नेटवर्क की जांच आगे बढ़ाई और रायपुर रेलवे स्टेशन के पास से बनमाली तांडी और अनु तांडी, दोनों निवासी कालाहांडी (ओडिशा), को हिरासत में लिया।
पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपियों ने पूछताछ में ओडिशा से गांजा लाकर रायपुर में इसकी आपूर्ति करने की बात स्वीकार की। हालांकि इन दावों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।
पुलिस ने पांचों आरोपियों के कब्जे से 46.100 किलोग्राम गांजा, दो मोबाइल फोन और एक सुजुकी एक्सेस स्कूटर जब्त किया है। पुलिस के अनुसार जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 24 लाख रुपये है।
टिकरापारा थाना में आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम की धारा 20(B)(ii)(C) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने यह भी बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में कमलेश सोनवानी और राजा टंडन के खिलाफ पहले से भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं।
नोट: आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोप पुलिस के अनुसार हैं। इन आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।

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