रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / राज्यपाल रमेन डेका ने मंगलवार को वनवासी विकास समिति, छत्तीसगढ़ द्वारा स्थापित 'शबरी वाचनालय' का उद्घाटन किया। यह वाचनालय जनजातीय बालिकाओं में अध्ययन, ज्ञानार्जन और पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। वाचनालय की स्थापना के लिए राज्यपाल ने अपने स्वेच्छानुदान मद से आर्थिक सहायता भी प्रदान की है।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि शबरी वाचनालय जनजातीय बालिकाओं के लिए अध्ययन, चिंतन, आत्मविकास और व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त केंद्र बनेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यहां अध्ययन करने वाली छात्राएं शिक्षा और ज्ञान के बल पर प्रतियोगी परीक्षाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल करेंगी और समाज व राष्ट्र का गौरव बढ़ाएंगी।
राज्यपाल ने कहा कि शबरी कन्या आश्रम वर्षों से जनजातीय बालिकाओं को शिक्षा के साथ संस्कार, आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रसेवा की भावना प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि आश्रम से शिक्षा प्राप्त करने वाली कई छात्राएं आज शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य की परंपराएं रामायण काल से जुड़ी हैं। उन्होंने असम और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समानताओं का भी जिक्र करते हुए दोनों राज्यों की सांस्कृतिक धारा को भगवान श्रीराम से जुड़ा बताया।
राज्यपाल ने वर्तमान समय में इंटरनेट और तकनीक के बढ़ते प्रभाव के बीच जीवन मूल्यों को बनाए रखने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज के प्रति संवेदनशीलता, संतोष और सकारात्मक सोच जीवन को सार्थक बनाती है तथा प्रत्येक व्यक्ति को समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
उन्होंने वनवासी विकास समिति के शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार, स्वावलंबन और सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जनजातीय समाज के उत्थान के लिए संस्था का योगदान प्रेरणादायी है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ वनवासी विकास समिति के अध्यक्ष उमेश कच्छप, सचिव अनुराग जैन, संस्था के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, सहयोगी और शबरी कन्या आश्रम की छात्राएं उपस्थित थीं।

