बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / रेलवे परिक्षेत्र स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में सोमवार देर रात भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा से जुड़ी हेरा पंचमी की पारंपरिक रस्म श्रद्धा और धार्मिक आस्था के साथ निभाई गई। इस दौरान धार्मिक परंपरा के अनुसार माता लक्ष्मी के दूतों ने प्रतीकात्मक रूप से भगवान जगन्नाथ के रथ का एक हिस्सा तोड़कर उनके रुष्ट होने का संदेश दिया।
धार्मिक मान्यता के अनुसार स्नान पूर्णिमा के बाद भगवान जगन्नाथ कुछ दिनों तक अस्वस्थ रहते हैं। स्वस्थ होने पर वे अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मौसी मां के घर, यानी गुंडिचा मंदिर, चले जाते हैं। मान्यता है कि वे माता लक्ष्मी को बिना बताए वहां चले जाते हैं। इससे नाराज होकर माता लक्ष्मी अपने दूतों को भेजती हैं, जो भगवान के रथ का एक हिस्सा प्रतीकात्मक रूप से क्षतिग्रस्त कर उनकी नाराजगी प्रकट करते हैं। इस परंपरा को हेरा पंचमी के नाम से जाना जाता है।
इसी धार्मिक परंपरा का निर्वहन बिलासपुर के रेलवे क्षेत्र स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भी किया गया। देर रात आयोजित इस अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति और आस्था का माहौल रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और इस अनूठी धार्मिक परंपरा के साक्षी बने।

