TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पश्चिम क्षेत्र में क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस ने रविवार-सोमवार (28-29 जून) की दरमियानी रात एक बड़ा कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया.
इस अभियान में 130 से अधिक पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया. पुलिस की अलग-अलग टीमों ने शहर के संवेदनशील इलाक़ों में दबिश देकर 16 वारंटियों को गिरफ़्तार किया है और दर्जनों बदमाशों से पूछताछ की है.
70 से अधिक बदमाशों की सघन जाँच
पुलिस उपायुक्त (DCP - पश्चिम) संदीप पटेल के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य असामाजिक तत्वों पर नकेल कसना था. अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा के नेतृत्व में 9 थानों (पुरानी बस्ती, डी.डी. नगर, आमानाका, आज़ाद चौक, कबीर नगर, सरस्वती नगर, न्यू राजेन्द्र नगर, मुजगहन और टिकरापारा) की पुलिस टीमों ने एक साथ कार्रवाई की.
बदमाशों पर सख़्ती: पुलिस ने आधी रात को 25 निगरानी बदमाशों, 45 गुंडा बदमाशों और 2 चाकूबाज़ों के निवास स्थानों पर दबिश दी. परिजनों की मौजूदगी में पुलिस ने इन बदमाशों को भविष्य में आपराधिक गतिविधियों से दूर रहने की सख़्त हिदायत दी.
वारंट और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई: अभियान के दौरान 10 स्थायी वारंट और 6 गिरफ़्तारी वारंट तामील किए गए. इसके अलावा 20 संभावित संदिग्धों पर प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है.
संवेदनशील इलाक़ों और कॉलोनियों पर रहा मुख्य फ़ोकस
पुलिस टीमों ने शहर के उन इलाक़ों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जहाँ आपराधिक गतिविधियाँ होने की आशंका अधिक रहती है. इनमें मुख्य रूप से शहर की बीएसयूपी (BSUP) और आरडीए (RDA) कॉलोनियां शामिल थीं.
डी.डी. नगर (चंगोराभाठा), टिकरापारा (संजय नगर, बोरियाखुर्द) और पुरानी बस्ती (भाठागांव) की कॉलोनियों में सघन तलाशी ली गई.
सरस्वती नगर थाना क्षेत्र के कोटा (कृष्णा नगर, भवानी नगर) में पुलिस ने 22 संदिग्ध लोगों को पकड़कर उनका सत्यापन किया और कड़ी चेतावनी देकर छोड़ा.
रायपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों को सुरक्षित और भयमुक्त माहौल देने के लिए हिस्ट्रीशीटरों और समाज में अशांति फैलाने वाले तत्वों के ख़िलाफ़ इस तरह के विशेष कॉम्बिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे.
