TODAY छत्तीसगढ़ / राजधानी रायपुर में पुलिस ने एक कंपनी से उपकरण और मशीनें चुराने के आरोप में एक युवक को गिरफ़्तार किया है, जबकि वारदात में कथित तौर पर शामिल चार नाबालिगों (विधि के साथ संघर्षरत बालकों) को भी पकड़ा है.
पुलिस के मुताबिक़, पकड़े गए अभियुक्तों की निशानदेही पर क़रीब साढ़े तीन लाख रुपये का चोरी हुआ पूरा सामान बरामद कर लिया गया है.
क्या है पूरा मामला?
उरला थाना पुलिस के अनुसार, यह घटना बेंद्री बोरझरा स्थित 'श्री धनीराम बायो एनर्जी' की है. 21 जून 2026 की सुबह क़रीब 9 बजे जब कंपनी के सुपरवाइज़र गोपाल मिश्रा ड्यूटी पर पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि वहां से बड़ी मात्रा में सामान ग़ायब है.
पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया कि अज्ञात लोग कंपनी में घुसकर 16 लाइटें, 100 फ़ीट केबल, वेल्डिंग मशीन, ग्राइंडर, ब्लोअर, ड्रिल मशीन, 4 बंडल वायर, डक्ट का पूरा सेट और कुछ मशीनों के पार्ट्स चुरा ले गए थे. इसके बाद पुलिस ने उरला थाने में अपराध क्रमांक 280/26 के तहत बीएनएस की धारा 331(4) और 305 के तहत मामला दर्ज़ कर जांच शुरू की.
सीसीटीवी और मुखबिरों से मिला सुराग़
मामला दर्ज़ होने के बाद पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और कंपनी के कर्मचारियों से पूछताछ की.
पुलिस का कहना है कि आस-पास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फ़ुटेज खंगालने और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस को एक संदिग्ध के बारे में अहम जानकारी मिली. इसके बाद पुलिस टीम ने नया बेंद्री (उरला) के रहने वाले 20 वर्षीय संदीप निषाद (उर्फ़ गोलू) को हिरासत में लेकर पूछताछ की.
पुलिस के मुताबिक़, पूछताछ में अभियुक्त संदीप ने अपने चार अन्य नाबालिग साथियों के साथ मिलकर चोरी की इस वारदात को अंजाम देने की बात क़बूल कर ली.
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
मुख्य अभियुक्त से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने मामले में शामिल चारों नाबालिगों को भी पकड़ लिया है. पुलिस ने इनकी निशानदेही पर चोरी किया गया कुल सामान (अनुमानित क़ीमत 3,50,000 रुपये) ज़ब्त कर लिया है.
वयस्क अभियुक्त संदीप निषाद को आधिकारिक तौर पर गिरफ़्तार कर लिया गया है, जबकि विधि के साथ संघर्षरत चारों बालकों के ख़िलाफ़ किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act) के प्रावधानों के तहत क़ानूनी कार्रवाई की जा रही है.
