बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड, बिलासपुर में संपत्ति नामांतरण (म्यूटेशन) से जुड़ा मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तूल पकड़ गया। जांच में लापरवाही सामने आने पर दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नवा रायपुर मुख्यालय अटैच कर दिया गया है।
जारी आदेश के अनुसार, आवेदक तोरण साहू ने 17 मार्च 2025 को म्यूटेशन के लिए आवेदन किया था। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद 11 नवंबर 2025 को दस्तावेज तैयार कर हस्ताक्षरित भी कर दिए गए थे, लेकिन उसे आवेदक तक भेजा नहीं गया और फाइल को लंबित रखा गया।
इस गंभीर लापरवाही के लिए कार्यपालन अभियंता एवं प्रभारी संपदा अधिकारी एल.पी. बंजारे तथा वरिष्ठ सहायक व प्रभारी सहायक संपदा प्रबंधक पूनम बंजारे को मुख्यालय अटैच किया गया है। आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों के कार्यों में इस प्रकार की देरी और उदासीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उधर, मामले के सामने आने के बाद अवकाश के दिन ही संबंधित फाइल निकालकर आवेदक को म्यूटेशन दस्तावेज की प्रति सौंप दी गई।
यह मामला तब चर्चा में आया जब 17 अप्रैल को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में आवेदक अधिकारी के कक्ष में जाकर अपनी लंबित फाइल को लेकर नाराजगी जताते दिखाई दिया। उसने आरोप लगाया कि उसकी फाइल एक साल से लंबित है और जानबूझकर रोकी गई है। दूसरी ओर, महिला अधिकारी पूनम बंजारे ने आवेदक के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए मानसिक प्रताड़ना, धमकी और शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों को भी निराधार बताया है।
