बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / मोपका स्थित रामकृष्ण कॉलोनी में शुक्रवार को जर्जर सड़कों के मुद्दे पर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के नेतृत्व में क्षेत्रवासियों, महिलाओं और कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि कॉलोनी की सड़कें लंबे समय से खराब हैं और धूल की मात्रा इतनी बढ़ चुकी है कि घरों में सफाई और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। महिलाओं ने कहा कि धूल के कारण बच्चों और बुजुर्गों में सांस की तकलीफ बढ़ गई है और पहले से बीमार लोग लगातार दवाइयों पर निर्भर हैं। कुछ देर बाद प्रदर्शन उग्र हो गया और लोग सड़क पर ही बैठकर नारेबाज़ी करने लगे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि दो वर्षों में एक भी टिकाऊ सड़क नहीं बनी और पहले बनी सड़कें भी टूटने लगी हैं। लोगों ने व्यंग्य में कहा—“अब समझ नहीं आता कि सड़क में गड्ढा है या गड्ढे में सड़क।”
जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी ने आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी योजनाओं के नाम पर धन आवंटित होने के बावजूद ज़रूरी क्षेत्रों में सड़क निर्माण नहीं कराया गया। उनका कहना था कि नई सड़कें उन स्थानों पर बनाई जा रही हैं जहाँ आबादी नहीं है और वे निजी भूमि पर जाकर समाप्त हो रही हैं। प्रदर्शन में शामिल नागरिकों ने कहा कि टैक्स, शुल्क और बढ़ती महंगाई के बावजूद मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हैं। क्षेत्र में सड़क मरम्मत, धूल नियंत्रण और जल निकासी जैसी समस्याएँ लगातार बढ़ रही हैं।
पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
राजेंद्र शाहू, जगदीश कौशिक, विनोद शाहू, अनिल यादव, साखन दरवे, मोहन श्रीवास (पार्षद), सुनील सोनकर (पार्षद), हितेश देवांगन, नीरज सोनी, सुरेंद्र तिवारी, भागीरथी यादव (पूर्व पार्षद), सेरसिंग कश्यप, संतोष साहू (पूर्व पार्षद), आशीष यादव, फागुराम बरगाह, योगेश यादव, भोला राम साहू, संजय साहू, शिव यादव, दुर्गेश साहू, अविनाश केवरा सहित कई नेता व कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल रहे।
स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में जुटे
मनोज यादव, मुकुंद साहू, सचिन कश्यप, हरीश सूर्या, माखन दर्वे, भगत दर्वे, मनोज बंजारे, सत्तार खान, ओमप्रकाश भुमात्र, उत्तम दर्वे, दीपेश राव, अनुरुद्ध तिवारी, तिरिथ राम लहरे, रुपनारायण बक्ष, कमलेश मानिकपुरी, जयनारायण प्रधान, इक़बाल हुसैन सहित बड़ी संख्या में महिलाएँ और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
