रतनपुर में एक अधिकारी नहीं, भरोसे का अध्याय लिखकर गईं 'अंशिका जैन'


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  प्रशासनिक व्यवस्था में तबादले और पदस्थापनाएं एक सतत प्रक्रिया हैं। अधिकारी आते हैं, अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं और फिर नई जगहों पर नई चुनौतियों की ओर बढ़ जाते हैं। लेकिन कभी-कभी कुछ नाम ऐसे होते हैं, जो सरकारी फाइलों से निकलकर सीधे लोगों के दिलों में अपनी जगह बना लेते हैं। रतनपुर थाना प्रभारी के रूप में प्रोबेशनर आईपीएस अंशिका जैन का कार्यकाल भी एक ऐसी ही कहानी बन गया है, जिसे केवल सेवा अवधि के आंकड़ों से नहीं, बल्कि लोगों की स्मृतियों और भावनाओं से समझा जा सकता है।

रतनपुर जैसा संवेदनशील और महत्वपूर्ण थाना किसी भी युवा अधिकारी के लिए केवल एक पदस्थापना नहीं, बल्कि एक कठिन परीक्षा होती है। प्रशिक्षण काल में मिली यह जिम्मेदारी अंशिका जैन के लिए अनुभव अर्जित करने का अवसर तो थी ही, साथ ही यह उनके व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता और संवेदनशीलता की भी कसौटी थी। चुनौतियां थीं, परिस्थितियां जटिल थीं, और अनुभव सीमित था, लेकिन यही वे क्षण होते हैं जहां एक अधिकारी अपने भविष्य की पहचान गढ़ता है।

अपने कार्यकाल के दौरान अंशिका जैन ने केवल कानून-व्यवस्था संभालने की भूमिका नहीं निभाई, बल्कि पुलिस और जनता के बीच उस भरोसे के पुल को मजबूत करने का प्रयास किया, जिसकी आज सबसे अधिक आवश्यकता महसूस की जाती है। थाने का दरवाजा केवल शिकायत दर्ज कराने का स्थान न रहकर संवाद और विश्वास का केंद्र बनता दिखाई दिया। लोगों ने उनमें एक ऐसी अधिकारी को देखा, जो वर्दी की गरिमा के साथ मानवीय संवेदनाओं को भी बराबर महत्व देती थीं।

उनके कार्यकाल का सबसे कठिन दौर पेंडरवा हत्याकांड के रूप में सामने आया। यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं थी, बल्कि पूरे क्षेत्र की संवेदनाओं और कानून-व्यवस्था की परीक्षा का समय था। ऐसे तनावपूर्ण माहौल में संयम, धैर्य और जिम्मेदारी के साथ हालात को संभालना किसी भी अधिकारी के लिए बड़ी चुनौती होती है। इस चुनौतीपूर्ण समय में पुलिस प्रशासन ने जिस गंभीरता और तत्परता के साथ कार्य किया, उसने लोगों के भीतर व्यवस्था के प्रति विश्वास को मजबूत किया। 

इस पूरे घटनाक्रम में बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईपीएस रजनेश सिंह का नेतृत्व भी उल्लेखनीय रहा। घटना की सूचना मिलते ही उनका स्वयं सबसे पहले पेंडरवा गांव पहुंचना केवल प्रशासनिक सक्रियता नहीं, बल्कि संवेदनशील नेतृत्व का उदाहरण था। संकट की घड़ी में जनता के बीच उपस्थित रहना और संवाद के माध्यम से भरोसा कायम करना किसी भी पुलिस नेतृत्व की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। 

रतनपुर में अपने अंतिम दिन (31 मई) जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह थाना पहुंचे और उन्होंने अंशिका जैन के कार्यों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की, तब वह केवल एक औपचारिक प्रशंसा नहीं थी। वह उन प्रयासों, संघर्षों और अनुभवों की स्वीकृति थी, जो किसी युवा अधिकारी को भविष्य के लिए और अधिक परिपक्व बनाते हैं।

एक महिला अधिकारी के रूप में अंशिका जैन ने जिस आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया, वह न केवल उनके व्यक्तिगत भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि उन अनेक युवा महिलाओं के लिए भी प्रेरणा है जो प्रशासनिक सेवाओं में अपना स्थान बनाने का सपना देखती हैं।

रतनपुर से उनकी विदाई प्रशासनिक दृष्टि से भले ही एक सामान्य प्रक्रिया हो, लेकिन क्षेत्र के अनेक लोगों के लिए यह एक ऐसे अध्याय का समापन है, जिसने पुलिसिंग के मानवीय चेहरे को करीब से देखने का अवसर दिया। कुछ कार्यकाल समय की दृष्टि से छोटे होते हैं, लेकिन उनका प्रभाव वर्षों तक बना रहता है। अंशिका जैन का रतनपुर प्रवास भी शायद उन्हीं स्मृतियों में शामिल हो चुका है।

कल जब वे किसी नए जिले, नई जिम्मेदारी और नई चुनौतियों की ओर बढ़ेंगी, तब रतनपुर उन्हें केवल एक पूर्व थाना प्रभारी के रूप में नहीं, बल्कि उस अधिकारी के रूप में याद करेगा जिसने अपने सीमित कार्यकाल में संवाद, संवेदनशीलता और सेवा की ऐसी छाप छोड़ी, जिसे समय आसानी से मिटा नहीं पाएगा। 


गांजा तस्करी: ड्रोन उड़ा तो खुल गया नशे का राज, 5 नाबालिगों समेत 7 गिरफ्तार


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सरकंडा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ड्रोन कैमरे की निगरानी और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने चिंगराजपारा के कुंदरू बाड़ी क्षेत्र में दबिश देकर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें पांच विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग) भी शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से 6.744 किलोग्राम गांजा और एक धारदार चाकू बरामद किया गया है।

पुलिस के अनुसार कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि चांटीडीह और आसपास के क्षेत्रों में नाबालिग बच्चों के माध्यम से गांजा बेचा जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने ड्रोन कैमरे की मदद से क्षेत्र में निगरानी शुरू की और संदिग्ध स्थानों को चिन्हित किया।

इसी दौरान सोमवार सुबह मुखबिर से सूचना मिली कि कुंदरू बाड़ी क्षेत्र में कुछ लोग बड़ी मात्रा में गांजा बेचने और खपाने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मौके पर दबिश दी और सात आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों में कुश यादव उर्फ पप्पू यादव (25) निवासी चिंगराजपारा कुंदरू बाड़ी तथा दीपक साहू (18) निवासी विश्वकर्मा चौक चिंगराजपारा शामिल हैं। इनके अलावा पांच विधि से संघर्षरत बालकों को भी अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6.744 किलोग्राम गांजा जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 3.35 लाख रुपये बताई जा रही है। तलाशी के दौरान एक धारदार चाकू भी बरामद हुआ है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट एवं आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गांजा की खेप कहां से लाई गई थी और इसके पीछे सक्रिय मुख्य सरगना कौन है।

मासिक धर्म स्वच्छता पर बनी साइलेंट फिल्म ‘पर Silent’ का पोस्टर लॉन्च


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  विश्व मासिक स्वच्छता दिवस (वर्ल्ड मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे) के अवसर पर महिलाओं के स्वास्थ्य और मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आर्यन फिल्म्स द्वारा निर्मित साइलेंट फिल्म ‘पर Silent’ का पोस्टर बुधवार को लॉन्च किया गया। कार्यक्रम का आयोजन शहर में गरिमामय वातावरण में हुआ।

फिल्म का औपचारिक विमोचन कलेक्टर संजय अग्रवाल, पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत स्काउट्स एंड गाइड्स से जुड़ी पूनम सिंह की उपस्थिति में हुई। इस अवसर पर फिल्म के निर्देशक रामानंद तिवारी और क्रिएटिव डायरेक्टर महेंद्र सूर्यवंशी भी मौजूद रहे।

निर्देशक ने बताया कि फिल्म ‘पर Silent’ मासिक धर्म स्वच्छता, महिला स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को संवेदनशील और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है। फिल्म का उद्देश्य महिलाओं से जुड़े ऐसे विषयों पर संवाद को बढ़ावा देना है, जिन पर आज भी समाज में खुलकर चर्चा नहीं हो पाती। फिल्म में कृष्णनी तिवारी एवं नरेंद्र सिंह चंदेल ने अभिनय किया है। फिल्म के डीओपी मोहनीश हैं, जबकि पोस्ट प्रोडक्शन का कार्य जीतू स्टूडियो द्वारा किया गया है।

इस अवसर पर टेर्सल हर्ब प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से 500 सेनेटरी पैड का वितरण भी किया गया। उपस्थित अतिथियों ने महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को लेकर चलाए जा रहे जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

अतिथियों ने कहा कि फिल्मों जैसे प्रभावी माध्यम के जरिए सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को लोगों तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। इससे समाज में जागरूकता बढ़ेगी और महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा का वातावरण तैयार होगा।

RCB की जीत की खुशी बनी खूनी जंग, सड़क पर लहूलुहान मिला युवक

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की जीत का जश्न चकरभाठा में खूनी संघर्ष में बदल गया। पटाखे फोड़कर जश्न मना रहे युवक पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या की कोशिश की गई। गंभीर हालत में घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

जानकारी के अनुसार, 31 मई की रात शादाब खान अपने दोस्तों के साथ आशा विहार क्षेत्र में RCB की जीत का जश्न मना रहा था। देर रात के बाद उसका अपने कुछ युवकों से विवाद हो गया। अगले दिन सुबह मोहल्ले के लोगों ने उसे आशा विहार कॉलोनी के सीसी रोड पर लहूलुहान हालत में पड़ा देखा। घायल शादाब के गले पर धारदार हथियार से वार किया गया था। उसके नाक और कान से भी खून बह रहा था। सूचना मिलने पर डायल-112 की मदद से उसे तत्काल सिम्स अस्पताल पहुंचाया गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए चकरभाठा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्धों की पहचान की और आदर्श साहू, चंद्र प्रकाश पाठक, राजा सारथी तथा एक नाबालिग बालक को अभिरक्षा में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने फरार आरोपी आशु पटेल के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस के मुताबिक युवक के गले पर गंभीर चोटें आई हैं। मामले में हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। 

जनता से बदसलूकी पड़ी भारी: दुर्ग जनपद पंचायत CEO रूपेश पाण्डेय निलंबित

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  सुशासन तिहार के दौरान शिविर में भाजपा नेता से विवाद करने वाले जनपद पंचायत सीईओ को संभागायुक्त ने सस्पेंड कर दिया। जनता से अशिष्ट व्यवहार करने पर त्वरित कार्यवाही की गई है। संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत दुर्ग जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रूपेश कुमार पाण्डेय को कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही बरतने और आम जनता से अशिष्ट व्यवहार (कदाचरण) करने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।

यह कार्रवाई दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह के प्रस्ताव और शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार के तहत ग्राम थनौद में 29 मई को जन समस्या निवारण शिविर में सीईओ पाण्डेय द्वारा जनता से की गई बदसलूकी के वीडियो क्लिप के आधार पर की गई है। संभागायुक्त द्वारा सीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जिसमें सीईओ द्वारा जवाब संतोषजनक नहीं जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत निलंबन आदेश जारी किया गया है।

छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के अनुसार, प्रत्येक शासकीय सेवक को सदैव पूर्ण रूप से सन्निष्ठ रहना, कर्तव्यपरायण रहना और ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना अनिवार्य है जो शासकीय सेवक के लिए अशोभनीय हो, तथा नियम 3-क के खण्ड (क) के अनुसार कोई भी शासकीय सेवक अपने पदीय कृत्यों के पालन में अशिष्टता से कार्य नहीं करेगा।

  उक्त कार्यवाही के बाद कलेक्टर द्वारा प्रेषित प्रस्ताव अनुसार व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिला पंचायत दुर्ग के प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी  महेन्द्र कुमार जांगड़े को अपने वर्तमान कार्यों के साथ-साथ जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।   

जमीन विवाद बना मौत की वजह, प्रताड़ना से तंग आकर उठाया आत्मघाती कदम


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम फरहदा में जमीन विवाद और लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर जहर सेवन करने वाले व्यक्ति की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बलराम यादव (39 वर्ष) निवासी फरहदा चौक, थाना सीपत के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, प्रार्थिया परमेश्वरी पटेल ने 29 मई को थाना सीपत में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह और उसका परिवार ग्राम फरहदा के बजरंग चौक स्थित शासकीय भूमि पर कई वर्षों से निवास कर रहे हैं। आरोप है कि पड़ोसी बलराम यादव एक बुजुर्ग महिला रामकली यादव को लेकर उनके घर पहुंचा और जमीन को उसका बताते हुए घर खाली करने का दबाव बनाने लगा।

शिकायत के मुताबिक आरोपी ने घर में घुसकर अश्लील गाली-गलौज की, मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी। इस घटना से आहत होकर परमेश्वरी पटेल के पति कनक पटेल ने कीटनाशक जहर का सेवन कर लिया था, जिन्हें उपचार के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान 30 मई को कनक पटेल की मौत हो गई। जांच में सामने आया कि आरोपी द्वारा लगातार घर और जमीन खाली कराने के लिए दबाव बनाना, गाली-गलौज, मारपीट और धमकी देना मृतक के मानसिक तनाव का प्रमुख कारण था। मृत्यु के बाद पुलिस ने प्रकरण में धारा 108 बीएनएस (आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण) जोड़कर मामले की गंभीरता से जांच शुरू की।

फरार आरोपी गनियारी से गिरफ्तार 

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सीपत पुलिस और ACCU की संयुक्त टीम गठित की गई। घटना के बाद फरार हुए आरोपी बलराम यादव की तलाश करते हुए पुलिस ने उसे गनियारी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

डिप्टी सीएम साव बने सारथी, बैलगाड़ी में निकली विधायक दीपेश साहू की बारात


बेमेतरा। 
TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम उस समय खास बन गया, जब प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव स्वयं बैलगाड़ी के सारथी बने और भाजपा विधायक दीपेश साहू की बारात का नेतृत्व किया। इस अनोखे दृश्य ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। विधायक दीपेश साहू ने सामाजिक समरसता और सादगी का संदेश देते हुए सामूहिक मुख्यमंत्री कन्या विवाह सम्मेलन में विवाह करने का निर्णय लिया। उनके इस फैसले को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

"छत्तीसगढ़ की राजनीति में सादगी की मिसाल... विधायक दीपेश साहू की बारात बैलगाड़ी में निकली और सारथी बने उप मुख्यमंत्री अरुण साव। बेमेतरा के सामूहिक विवाह सम्मेलन में दिखा अनोखा दृश्य।"

बारात पारंपरिक अंदाज में बैलगाड़ी से निकाली गई, जिसमें दूल्हे के रूप में विधायक दीपेश साहू सवार थे, जबकि बैलगाड़ी की कमान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने संभाली। राजधानी रायपुर से विशेष रूप से बेमेतरा पहुंचे डिप्टी सीएम साव ने सारथी बनकर विधायक को विवाह स्थल तक पहुंचाया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता, सामाजिक संगठन और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में पारंपरिक संस्कृति, ग्रामीण जीवन शैली और सामाजिक एकता की झलक देखने को मिली।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता और सादगी को बढ़ावा देने का माध्यम है। वहीं विधायक दीपेश साहू ने इसे समाज को सकारात्मक संदेश देने वाला कदम बताया। 

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