रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने साइबर और आर्थिक अपराधों में इस्तेमाल होने वाले कथित “म्यूल अकाउंट” नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क का संचालन करने वाले कथित मास्टरमाइंड समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
दुर्ग पुलिस का कहना है कि आरोपी वर्ष 2022 से विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाकर उन्हें साइबर अपराधियों और आर्थिक अपराध में शामिल लोगों को बेच रहे थे। गिरफ्तार मुख्य आरोपी की पहचान मनोज कुमार भुतड़ा के रूप में हुई है। उसके साथ केवल सेठिया, सत्यनारायण सेठिया को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने इंडसइंड बैंक, आईडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक समेत कई बैंकों में 200 से अधिक खाते खुलवाए थे। इन खातों में करोड़ों रुपये के लेन-देन की जानकारी सामने आई है।
कैसे चलता था नेटवर्क
पुलिस के अनुसार साधारण बैंक खाते 15 से 20 हजार रुपये और करंट अकाउंट 40 से 50 हजार रुपये में कथित तौर पर बेचे जाते थे। आरोप है कि आरोपी खाता खुलवाने के लिए न्यूनतम बैलेंस की रकम खुद जमा कराते थे और बाद में उसे वापस निकाल लेते थे। जांच में यह भी सामने आया कि बड़े ट्रांजेक्शन वाले खातों को पहले बैंक में होल्ड कराया जाता था और बाद में बैंक से संपर्क कर होल्ड हटवाकर रकम निकाल ली जाती थी। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क के तार बालोद, गुण्डरदेही, दुर्ग, जगदलपुर, रायपुर, गाजियाबाद और सूरत जैसे शहरों से जुड़े हो सकते हैं।
ऐसे हुई गिरफ्तारी
पुलिस को सूचना मिली थी कि जगदलपुर का रहने वाला मनोज कुमार भुतड़ा अपने साथियों के साथ भिलाई आया हुआ है। इसके बाद सुपेला थाना और एसीसीयू टीम ने सुपेला ओवरब्रिज के पास घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने 11 पासबुक, 7 एटीएम कार्ड, 3 फिनो पेमेंट किट, 3 आधार कार्ड और एक पैन कार्ड बरामद किया।
मामले में थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 718/2026 के तहत धारा 317(2) और 318(4) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश में अलग-अलग टीमें रवाना की गई हैं।



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