दुर्ग। TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय चोरी गिरोह के कथित मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी दिल्ली से बिहार भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसे यमुना एक्सप्रेस-वे पर लगभग 300 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पकड़ा गया।
पुलिस ने आरोपी की पहचान मोह० नासीर हुसैन उर्फ आनस खान पिता मोह० आरीफ के रूप में की है। वह दिल्ली के शाहीन बाग और मदनपुर खादर इलाके का रहने वाला बताया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पूछताछ में मध्यप्रदेश, चंडीगढ़ और छत्तीसगढ़ के कई शहरों — जिनमें बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और भिलाई शामिल हैं — में करोड़ों रुपये की चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
कैसे पहुंची पुलिस आरोपी तक
पुलिस का कहना है कि आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और शाहीन बाग, मदनपुर खादर तथा नोएडा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में छिपा हुआ था। ऐसे में उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बन गई थी।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने इलाके में गुप्त रूप से काम किया। अधिकारियों के मुताबिक कुछ पुलिसकर्मियों ने स्थानीय बकरा विक्रेताओं के बीच रहकर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई। इसके बाद टीम ने “जनगणना अधिकारी” के रूप में घर-घर जाकर आरोपी के ठिकानों और आवाजाही से जुड़ी सूचनाएं इकट्ठा कीं।
इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी चोरी के जेवर बेचकर खरीदी गई कार से बिहार के दरभंगा भागने की कोशिश कर रहा है। इसके बाद पुलिस ने यमुना एक्सप्रेस-वे पर उसका पीछा किया और आगरा रोड क्षेत्र में घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया।
क्या-क्या बरामद हुआ
पुलिस के अनुसार आरोपी की निशानदेही पर लगभग 20 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति बरामद की गई है। इसमें नकदी, डायमंड ज्वेलरी, सोने-चांदी के आभूषण, चांदी के सिक्के, नए कपड़े और एक किआ सेल्टोस कार शामिल है। बरामद सामान में करीब ₹1.22 लाख नकद, डायमंड ब्रेसलेट, 7.5 ग्राम सोने के आभूषण और कथित तौर पर चोरी के पैसों से खरीदी गई कार शामिल है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में पहले भी हाशिम खान, ज्वेलरी कारोबारी सलीम खान और बिलासपुर निवासी साहिल को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर दुर्ग लाया गया है और मामले में आगे की जांच जारी है।

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