टेक्नोलॉजी से रूबरू हुये छात्र, ITMS और साइबर सिस्टम का मिला लाइव अनुभव


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के जयंती वर्ष के अवसर पर बिलासपुर पुलिस ने एक अनूठी पहल करते हुए जिले के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं को पुलिस विभाग का शैक्षणिक भ्रमण कराया। 

इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को जागरूक नागरिक बनाने और उन्हें समाज में कानून व सुरक्षा के संदेश फैलाने हेतु “ब्रांड एंबेसडर” की भूमिका भी दी गई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुलिस की कार्यप्रणाली, तकनीकी संसाधनों एवं कानून व्यवस्था से अवगत कराना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद विनोद चौबे चौक से हुई, जहां छात्रों को यातायात नियमों, चालानी प्रक्रिया एवं आधुनिक उपकरणों जैसे ब्रीथ एनालाइजर, स्पीड राडार गन, व्हील लॉक, सीसीटीवी आधारित चालान के बारे में जानकारी दी गई।  

छात्रों को “आईटीएमएस (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम)” कंट्रोल रूम ले जाकर बताया गया कि कैसे पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था डिजिटल माध्यम से नियंत्रित की जाती है। इस दौरान छात्रों ने स्वयं अनाउंसमेंट सिस्टम के जरिए लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए संदेश भी दिए।

साइबर थाना में छात्रों को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड, फेक आईडी और डायल 1930 हेल्पलाइन जैसे विषयों पर जागरूक किया गया। साथ ही डायल 112 की कार्यप्रणाली का भी प्रदर्शन किया गया। थाना तारबहार में छात्रों को FIR, मर्ग, CCTNS, पासपोर्ट वेरिफिकेशन, मालखाना एवं अन्य प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। छात्रों ने एसएसपी से सीधे सवाल-जवाब कर अपनी जिज्ञासाएं भी दूर कीं।

लोक सेवा केंद्र की आड़ में शादी के नाम पर ठगी, मास्टरमाइंड समेत टीम पर कार्रवाई

रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर चल रहे साइबर ठगी के बड़े रैकेट का पुलिस ने खुलासा किया है। लोक सेवा केंद्र की आड़ में संचालित इस गिरोह पर कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड सहित टीम को हिरासत में लेकर जांच शुरू की गई है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की गई।

लोक सेवा केंद्र से चल रहा था ठगी का नेटवर्क

पुलिस को मिली सूचना पर दरोगापारा स्थित एक केंद्र में दबिश दी गई, जहां संचालक कपिल गर्ग द्वारा फर्जी मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म चलाया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि केंद्र संचालक कपिल गर्ग द्वारा पूर्व में लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आरटीओ संबंधी कार्य किया जाता था, किंतु उसकी आईडी एक माह पूर्व निरस्त हो चुकी थी। कार्यालय में फर्जी मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म संचालित किया जा रहा था, जहां “इंडिया मैट्रिमोनी” नाम से ऑनलाइन विवाह प्रस्तावों के नाम पर लोगों को जाल में फंसाया जाता था। 

कपिल गर्ग और उनकी टीम जिसमें दर्जनों युवतियां शामिल है, ये युवतियां फर्जी जीमेल आईडी एवं अपने मोबाइल नंबरों का उपयोग कर यूट्यूब चैनल बनाई हुई थी, जिनमें फेक प्रोफाइल के वीडियो एवं फोटो अपलोड कर अपना संपर्क नंबर साझा किए जाते थे। संपर्क करने वाले व्यक्तियों से पहले उनका बायोडाटा लिया जाता था, इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस यूपीआई के माध्यम से वसूला जाता था। आगे पसंद की गई प्रोफाइल से बातचीत कराने के नाम पर मीटिंग आईडी जनरेट करने हेतु पुनः यूपीआई से फीस ली जाती थी और व्हाट्सएप के माध्यम से क्यूआर कोड भेजकर भुगतान कराया जाता था। पुलिस ने बताया कि आरोपियों द्वारा इस प्रकार लगातार विभिन्न बहानों से रकम वसूली कर आखिर में यह कहकर संपर्क समाप्त कर दिया जाता था कि संबंधित युवती को रिश्ता पसंद नहीं है, और फिर नए शिकार की तलाश की जाती थी। 

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध मैट्रिमोनियल या सोशल मीडिया प्रोफाइल पर भरोसा न करें और ठगी की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

 यूट्यूब और फेक प्रोफाइल से जाल

गिरोह में शामिल युवतियां फर्जी जीमेल आईडी और मोबाइल नंबर से यूट्यूब चैनल बनाकर फेक फोटो-वीडियो अपलोड करती थीं, अपना नंबर शेयर करती थीं और लोगों को संपर्क के लिए आकर्षित करती थीं। इसके बाद संपर्क करने वालों से ये गिरोह रजिस्ट्रेशन फीस, मीटिंग फीस और प्रोफाइल कनेक्ट शुल्क UPI और QR कोड के जरिए वसूले जाते थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लैपटॉप, फर्जी दस्तावेज, सरकारी सील-मुहर और अन्य सामग्री बरामद की है। लैपटॉप में फोटोशॉप के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ के भी प्रमाण मिले हैं।  

पुलिस ने बताया कि संदेही कपिल गर्ग से मिली जानकारी के आधार पर दरोगापारा स्थित श्रीमती शांति देवी सोसायटी ऑफ एजुकेशन केंद्र पर भी पुलिस द्वारा दबिश दी गई, जहां की संचालिका हिमांशु मेहर ने बताया कि वह पिछले 3 साल से कपिल गर्ग से जुड़ी हुई है, उसके कहने पर उसके आफिस से भी लड़कियां इसी प्रकार यूट्यूब के माध्यम से लोगों से संपर्क करती थी । संदेही कपिल गर्ग के निधि परिवहन केन्द्र की जांच के दौरान लैपटॉप में फोटोशॉप सॉफ्टवेयर के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ के प्रमाण मिले तथा कार्यालय से विभिन्न शासकीय विभागों के सील-मुहर भी बरामद किए गए हैं। दोनों आफिस के संचालकों और युवतियों से पूछताछ कर मामले में जांच जारी रही है ।

सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों पर पुलिस का शिकंजा


रायगढ़। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /   जिले में तंबाकू नियंत्रण और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर पुलिस ने “ऑपरेशन आघात” के तहत सघन अभियान चलाते हुए एक ही दिन में 80 प्रकरणों में कार्रवाई कर ₹16,200 का जुर्माना वसूला है।

यह अभियान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। पुलिस टीमों ने बस स्टैंड, बाजार, अस्पताल और शासकीय कार्यालयों सहित सार्वजनिक स्थानों पर जांच की। इस दौरान सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों पर चालानी कार्रवाई, पान दुकानों पर नियम उल्लंघन पर जुर्माना और तंबाकू उत्पादों के अवैध विक्रय पर निगरानी की गई।

इस अभियान के दौरान पुलिस ने तमनार: 27 प्रकरण (₹5,400), धरमजयगढ़: 17 प्रकरण (₹3,400), लैलूंगा: 16 प्रकरण (₹3,200), छाल: 11 प्रकरण (₹2,200), कापू: 7 प्रकरण (₹1,400) और कोतरारोड़: 2 प्रकरण (₹600) में कार्रवाही की है। पुलिस ने कुल 80 मामलों में ₹16,200 का जुर्माना लगाया गया। 

जिला पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाही के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के नेतृत्व में सम्बलपुरी रोड स्थित Butterfly Bliss रेस्टोरेंट में रेड कार्रवाई की गई। यहां मैनेजर चंदन कुमार पत्रो (39) को बिना अनुमति हुक्का पिलाते पाया गया। मौके से 2 हुक्का पॉट, 2 सेंटर बेस, फ्लेवर तंबाकू पैकेट पाइप जप्त कर आरोपी के विरुद्ध कोटपा एक्ट की धारा 5/22 के तहत कार्रवाई की गई। 

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि कोटपा एक्ट के प्रावधानों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान व तंबाकू बिक्री करने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। 

फर्जी नाम से बुक कमरे में चल रहा था जुआ, पुलिस ने आदतन जुआरियों को पकड़ा


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  सिविल लाइन थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए होटल महावीर में दबिश देकर जुआ खेलते 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से ₹1.44 लाख नगद भी बरामद किया है।

पुलिस के अनुसार, होटल के कमरा नंबर 215 में जुआ खेले जाने की सूचना पर टीम ने घेराबंदी कर सभी आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों में महेश सिंह, हीरालाल पाल, अक्की जायसवाल, छोटू सिंह, संदेश मसीह, अनिल कुमार वर्मा, आकाश भोई और विशाल छाबड़ा शामिल हैं। 

नकदी बरामद, होटल संचालक भी आरोपी

तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से ₹1,44,000 नगद बरामद किए गए। जांच में यह सामने आया कि जुआ खेलने के लिए होटल का कमरा किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर बुक कराया गया था। पुलिस ने होटल संचालक एस.के. सिन्हा को भी आरोपी बनाया है, क्योंकि उसे कमरे में चल रही अवैध गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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