खेलने के बहाने घर ले जाकर की छेड़छाड़, आरोपी जेल भेजा गया


रायगढ़।
  TODAY छत्तीसगढ़  / नाबालिग बालिका से छेड़छाड़ के मामले में महिला थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, 12 अप्रैल को एक महिला ने अपनी 13 वर्षीय पुत्री के साथ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई। प्रार्थिया ने बताया कि 10 अप्रैल को वह अपने पति के साथ बाहर गई थी, इस दौरान पड़ोसी हेमंत कुर्रे (26) ने बालिका को बहला-फुसलाकर अपने घर ले जाकर गलत नियत से छेड़छाड़ की।

मामले में अपराध दर्ज कर पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। प्रारंभिक दबिश के दौरान आरोपी फरार मिला, जिसके बाद साइबर टीम की मदद से उसे चक्रधर नगर क्षेत्र से हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया और जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं डीएसपी उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन में की गई।

 “नाबालिगों के खिलाफ अपराध पर सख्ती”

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि नाबालिगों एवं महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के मामलों में पुलिस द्वारा त्वरित एवं सख्त कार्रवाई की जाती है। ऐसे मामलों को छिपाने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देना जरूरी है।

शादी का वादा कर किया शोषण, पुलिस ने पकड़ा आरोपी


रायगढ़।
  TODAY छत्तीसगढ़  / शादी का झांसा देकर महिला का शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को महिला थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, पीड़िता (45) ने 8 अप्रैल को महिला थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि घरेलू विवाद के चलते अलग रहने के दौरान उसकी पहचान धमेन्द्र पासवान से हुई। आरोपी ने उसे सहारा देने और शादी करने का आश्वासन दिया, जिसके झांसे में आकर वह उसके संपर्क में आई।

पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2022 से आरोपी उसे अपने किराये के मकान में ले जाकर शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाता रहा। वर्ष 2026 में भी उसने इसी तरह संबंध बनाए, लेकिन बाद में साथ रखने से इनकार करते हुए धमकी दी।

शिकायत के बाद महिला थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश शुरू की। जांच के दौरान आरोपी के अम्बिकापुर क्षेत्र में होने की सूचना मिली, जिस पर टीम ने उसे हिरासत में लेकर रायगढ़ लाया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं डीएसपी उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन में की गई।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर पुलिस की शून्य सहनशीलता की नीति है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

साक्ष्य पर फोकस: एनडीपीएस मामलों में कानूनी पहलुओं पर कार्यशाला


रायगढ़।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की विवेचना को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग द्वारा एनडीपीएस एक्ट पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में जप्ती, तलाशी, गिरफ्तारी और चेन ऑफ कस्टडी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यक्रम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में आयोजित हुआ, जिसमें डीएसपी एवं एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स प्रभारी सुशांतो बनर्जी सहित जिले के थाना प्रभारी और विवेचक शामिल हुए। मुख्य वक्ता अपर लोक अभियोजक तन्मय बनर्जी ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों और विवेचना की बारीकियों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।

कार्यशाला में अधिकारियों को जप्ती, तलाशी और गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ साक्ष्यों की चेन ऑफ कस्टडी बनाए रखने के महत्व को समझाया गया। पूर्व मामलों के उदाहरणों के माध्यम से विवेचना की जटिलताओं को सरल तरीके से बताया गया। वर्चुअल सत्र में थाना तमनार और लैलूंगा के अधिकारियों द्वारा हाल के अफीम प्रकरणों पर प्रस्तुति दी गई। इस दौरान जप्ती कार्यवाही के वीडियो फुटेज भी दिखाए गए, जिससे अधिकारियों को वास्तविक प्रक्रिया की बेहतर समझ मिली।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि एनडीपीएस मामलों में छोटी-छोटी त्रुटियां भी न्यायालयीन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए विवेचकों को हर चरण की सटीक जानकारी होना आवश्यक है, ताकि आरोपी को कड़ी सजा दिलाई जा सके। उन्होंने भविष्य में पॉक्सो एक्ट और साइबर अपराध जैसे विषयों पर भी इस प्रकार की कार्यशालाएं आयोजित करने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में अपर लोक अभियोजक तन्मय बनर्जी को सम्मानित किया गया।

मशहूर गायिका आशा भोसले का निधन, 92 साल की उम्र में ली आखिरी सांस


मुम्बई।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  संगीत की दुनिया की मशहूर हस्ती आशा भोसले का रविवार को निधन हो गया. 92 वर्ष की उम्र में उन्होंने मुंबई स्थिच ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांसें लीं. महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने यह दुखद खबर साझा करते हुए बताया कि उनका पार्थिव शरीर सोमवार सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक उनके घर पर रखा जाएगा, और अंतिम संस्कार शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में होगा.

वहीं ब्रीच कैंडी अस्पताल के डॉ. प्रतीत समदानी ने बताया कि मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण आशा भोसले का निधन हो गया. डॉ. समदानी ने बताया कि आशा भोसले को कार्डियक अरेस्ट आने के बाद तुरंत अस्पताल लाया गया. अस्पताल की इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज यूनिट में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन कई अंगों के काम करना बंद करने की वजह से उन्हें बचाया नहीं जा सका.

14 भाषाओं में गाए 12000 गाने

लता मंगेशकर की बहन आशा भोसले ने अपनी मधुर आवाज से कई पीढ़ियों को मोहित किया है. आशा भोसले का नाम गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है. उन्होंने 14 भाषाओं में 12000 से अधिक गाने गाए, जिनमें फिल्मी गीतों के अलावा, पॉप, गजल, भजन से लेकर शास्त्रीय संगीत तक शामिल है. आशा भोसले ग्रैमी अवार्ड जीतने वाली पहली भारतीय गायिका थी. इसके अलावा उन्हें दादा साहेब फाल्के अवार्ड, पद्म विभूषण सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है.

इन गानों के लिए हमेशा याद की जाएंगी आशा भोसले 

8 सितंबर, 1933 को जन्मी आशा ने बहुत कम उम्र में अपना करियर शुरू किया था और अपने पूरे करियर में हिंदी, मराठी, बंगाली और गुजराती समेत कई भाषाओं में हज़ारों गानों को अपनी आवाज़ दी. आशा भोसले के टाइमलेस हिट्स की लिस्ट में पिया तू अब तो आजा, दम मारो दम, चुरा लिया है तुमने जो दिल को, झुमका गिरा रे, यह मेरा दिल, दिल चीज़ क्या है, ओ मेरे सोना रे, और इन आंखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं, जैसे क्लासिक गाने शामिल हैं.

संगीत प्रेमियों के लिए शोक का क्षण

आशा भोसले को पिछले कुछ सालों में उम्र के कारण स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि वे अभी भी काफी सक्रिय थीं और संगीत कार्यक्रमों में शामिल होती रहती थीं. उनके निधन की खबर सुनकर फिल्म और संगीत जगत में चिंता की लहर दौड़ गई है.

आशा भोसले के निधन पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ‘यह पूरे भारत और दुनिया भर के संगीत प्रेमियों के लिए शोक का क्षण है. उन्हें सबसे बहुमुखी कलाकार के रूप में जाना जाता था. संगीत के प्रति उनकी सेवा, मंगेशकर परिवार द्वारा संगीत के प्रति की गई सेवा… हमने लता दीदी का निधन देखा, और आज हम यह देख रहे हैं. हम सभी दुखी हैं… यह हम सभी के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है; हम शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े हैं.’ (साभार सोर्स / news 18)


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