अर्पण अभियान: एक माह में 135 मोबाइल बरामद, 20 लाख की संपत्ति लौटाई


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  गुम हुए मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने के लिए बिलासपुर पुलिस द्वारा चलाया जा रहा “अर्पण” अभियान लगातार सफल साबित हो रहा है। अभियान के तहत एक माह में 135 मोबाइल बरामद कर लगभग 20 लाख रुपये की संपत्ति नागरिकों को लौटाई गई है।

पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक 500 से अधिक गुम मोबाइल उनके स्वामियों को वापस किए जा चुके हैं। शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने स्वयं मोबाइल उनके मालिकों को सौंपे, जिससे नागरिकों के चेहरों पर खुशी लौट आई।

एसीसीयू की तकनीकी टीम एवं जिले के विभिन्न थानों की सीसीटीएनएस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और फील्ड सूचना के आधार पर विभिन्न जिलों और राज्यों में सक्रिय मोबाइल उपयोगकर्ताओं का पता लगाकर यह सफलता हासिल की। मोबाइल वापस मिलने पर नागरिकों ने पुलिस की कार्यशैली और त्वरित कार्रवाई की सराहना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

पहली बार ‘हेलमेट बूथ’ का शुभारंभ, जन-जन तक संदेश पहुंचाने की पहल


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जिले में पहली बार “यातायात हेलमेट बूथ” का भव्य शुभारंभ किया गया। यह पहल राज्य स्तर पर भी पहली बार लागू की गई है, जिसे लेकर नागरिकों में उत्साह देखा गया।

छतौना मोड़, हाईकोर्ट रोड स्थित स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल, पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि एवं नागरिक संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जरूरतमंद दोपहिया वाहन चालकों को 50 हेलमेट वितरित किए गए। साथ ही यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पुलिस जवानों को प्रशस्ति पत्र एवं उपयोगी सामग्री देकर सम्मानित किया गया। 

🚦 सड़क सुरक्षा पर जोर

अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक प्रभावित दोपहिया वाहन चालक होते हैं, जिनमें अधिकांश मामलों में हेलमेट न पहनने के कारण गंभीर चोट या मृत्यु होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए हेलमेट के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह पहल शुरू की गई है।

शहर के अन्य स्थानों पर भी लगेंगे बूथ

यातायात विभाग के अनुसार, यह हेलमेट बूथ शहर के प्रमुख एंट्री पॉइंट्स पर स्थापित किए जाएंगे। आने वाले समय में शहर के अन्य नौ स्थानों पर भी ऐसे बूथ लगाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंच सके।

नागरिकों से अपील

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं नागरिक संगठनों ने आमजन से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें और हेलमेट पहनने को आदत बनाएं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम किया जा सके।

साजिश का पर्दाफाश: एक्सीडेंट नहीं, रेत खनन में दबकर हुई मौत

रतनपुर (बिलासपुर) । TODAY छत्तीसगढ़  /  थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़वट में अवैध रेत खनन के दौरान लापरवाही से एक किशोर की मौत का मामला सामने आया है। आरोपी ने घटना को सड़क हादसा बताकर भटकाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस जांच में सच्चाई उजागर हो गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार 9 अप्रैल की तड़के करीब तीन बजे सूचना मिली कि खारंग नदी किनारे रेत परिवहन कर रहे ट्रैक्टर में सवार अमित कश्यप (17) निवासी गढ़वट की मौत हो गई है। सूचना पर थाना प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस अंशिका जैन ने मौके की जानकारी लेकर मर्ग जांच शुरू कराई।

जांच के दौरान पता चला कि आरोपी तोषण कश्यप द्वारा अधिक रेत निकालने के लालच में नदी में बने 6 से 7 फीट गहरे गड्ढे में अमित कश्यप और एक अन्य युवक अमित यादव को उतारकर काम कराया जा रहा था। आरोपी को गड्ढा धंसने का खतरा होने की जानकारी थी, इसके बावजूद रात के अंधेरे में अवैध खनन कराया जा रहा था। इसी दौरान अचानक रेत व मिट्टी धंस गई, जिससे अमित कश्यप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अमित यादव घायल हो गया।

घटना के बाद आरोपी ने साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से ट्रैक्टर को मौके से हटाकर ट्रॉली पलट दी और इसे सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की। पुलिस ने जांच में इस कहानी को झूठा पाया। मामले में थाना रतनपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 एवं 238(बी) के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। कार्रवाई में उपनिरीक्षक विष्णु यादव, सहायक उपनिरीक्षक नरेश गर्ग व आरक्षक गोविंदा यादव की भूमिका रही। 


मुरूम खनन: सूचना लीक होने का संदेह, खनिज चोरी पर लगाम नहीं


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के ग्रामीण अंचलों में खनिज चोरी का नेटवर्क लगातार सक्रिय है। इसका ताजा मामला ग्राम पंचायत लोफंदी में सामने आया है, जहां दिनदहाड़े पोकलेन मशीनों से मुरूम की अवैध खुदाई की जा रही है। प्रशासनिक दावों के बावजूद जमीनी हकीकत अलग नजर आ रही है, जिससे व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। 

ग्रामीणों के अनुसार, बिलासपुर शहर से कुछ ही दूरी पर स्थित लोफंदी गांव में खनिज माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं। अब स्थिति यह है कि दिन के उजाले में ही अवैध उत्खनन किया जा रहा है और कार्रवाई का कोई भय नहीं दिखता। स्थानीय लोगों ने बताया कि ग्राम पंचायत के सरपंच अयोध्या देवांगन सहित ग्रामीणों ने कई बार कलेक्टर से शिकायत की है। खनिज विभाग को भी चार-पांच बार लिखित और मौखिक जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।  

कार्रवाई से पहले ही कैसे लीक हो जाती है सूचना?

ग्रामीणों का आरोप है कि जब भी कार्रवाई के लिए टीम आने की सूचना मिलती है, उससे पहले ही खनिज माफिया मौके से फरार हो जाते हैं। इससे यह सवाल उठ रहा है कि कार्रवाई की जानकारी पहले ही कैसे लीक हो जाती है। कुछ ग्रामीणों ने खनिज विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद केवल आश्वासन मिल रहा है, जबकि जमीन पर हालात जस के तस हैं। 

प्रशासन का पक्ष

इस मामले पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है, लेकिन संसाधनों और समय की सीमाओं के कारण हर स्थान पर एक साथ पहुंचना चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने ग्रामीणों से एकजुट होकर विरोध करने की अपील की और कहा कि यदि किसी अधिकारी की संलिप्तता के प्रमाण हों तो उन्हें प्रस्तुत किया जाए, ताकि सख्त कार्रवाई की जा सके।

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