बारातियों और ग्रामीणों के बीच हिंसक संघर्ष, दो की हालत गंभीर


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / जिले के तखतपुर क्षेत्र में एक शादी समारोह के दौरान डीजे के शोर में नाचने को लेकर शुरू हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए है । घायलों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है, इधर पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, बुधवार रात ग्राम मोढ़े से एक बारात ग्राम कुंआ पहुंची थी। समारोह के दौरान डीजे पर नृत्य को लेकर बारातियों और स्थानीय युवकों के बीच कथित तौर पर कहासुनी हुई, जो बाद में बढ़कर झड़प में बदल गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई। स्थिति तब और बिगड़ गई जब बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। इसके बाद बारातियों और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें कई लोगों को चोटें आईं।

घटना के दौरान बारात में शामिल कुछ वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस का कहना है कि इस घटना में दो व्यक्तियों—विनय पटेल और पंकज पटेल—को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों के अनुसार, दोनों पक्षों के लोगों से पूछताछ की जा रही है और घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।

घरेलू विवाद के बाद महिला पर हमले का आरोप, भाई के खिलाफ मामला दर्ज


बिलासपुर ।
  TODAY छत्तीसगढ़  / पुलिस के अनुसार, बिलासपुर के कोनी थाना क्षेत्र में एक महिला पर उसके भाई द्वारा कथित रूप से हथौड़ी से हमला करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता, जो देवनगर इलाके की निवासी हैं और निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं, ने बताया कि 24 मार्च की रात उनका भाई नशे की हालत में घर पहुंचा और उनसे पैसों की मांग करने लगा।

शिकायत के मुताबिक, पैसे नहीं देने पर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद उनके भाई ने उन पर हथौड़ी से हमला किया, जिससे उन्हें सिर, हाथ और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। पुलिस का कहना है कि महिला को इलाज के लिए सिम्स अस्पताल बिलासपुर में भर्ती कराया गया है।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी पहले भी शराब के लिए पैसे मांगने को लेकर उनके साथ मारपीट कर चुका है। कोनी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है।

युवा इनोवेटर: दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए पेश की 'Navinaut' और 'SignX' तकनीक


रायपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /   यूनिसेफ (UNICEF) द्वारा सम्मानित 'ग्लोबल यूथ इनोवेटर' और 'एलियन इनोवेशंस' के 21 वर्षीय संस्थापक रवि किरण ने छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव से मुलाकात की। इस मुलाक़ात में उनके साथ स्टार्टअप में ऑपरेशंस और पार्टनरशिप की जिम्मेदारी संभाल रहीं हर्षिता भी उपस्थित थीं। विशेष बात यह है कि ये दोनों ही युवा अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ-साथ इस नवाचार के जरिए समाज में बदलाव ला रहे हैं। 

इस अहम मुलाक़ात का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों (PWDS) को सशक्त बनाने और उनके दैनिक जीवन को अधिक स्वतंत्र व सुलभ बनाने के लिए विकसित किए गए अत्याधुनिक उपकरणों— 'नेविनॉट' (Navinaut) और 'साइनएक्स' (SignX)— का प्रदर्शन करना था।

बैठक के दौरान सचिव श्री यादव के समक्ष इन 'मेड इन इंडिया' तकनीकों की कार्यप्रणाली और हजारों दिव्यांगों के जीवन में इनके सकारात्मक प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की गई। रवि ने दृष्टिबाधित लोगों के लिए भारत का पहला टॉर्च के आकार का कॉम्पैक्ट सहायक उपकरण 'नेविनॉट' प्रस्तुत किया। यह उपकरण बिना पारंपरिक छड़ी के बाधा-मुक्त और सुरक्षित रूप से चलने में मदद करता है। इसमें सटीक रूप से बाधाओं का पता लगाने के लिए एडवांस्ड लिडार (LiDAR) सेंसर और अलर्ट के लिए टैक्टाइल वाइब्रेशन की सुविधा है। इसके साथ ही श्रवण एवं वाक् बाधित (मूक-बधिर) व्यक्तियों के लिए 'साइनएक्स' (SignX) का भी प्रदर्शन किया गया। यह स्मार्ट डेस्क-आधारित एआई (AI) उपकरण बिना किसी दुभाषिए के रीयल-टाइम संवाद को संभव बनाता है। यह 97.6 प्रतिशत सटीकता के साथ सांकेतिक भाषा को पहचानकर उसे तुरंत आवाज में बदल देता है, और 'स्पीच-टू-टेक्स्ट' फीचर के जरिए सामने वाले की बातों को स्क्रीन पर दिखाता है।

समाज कल्याण सचिव श्री भुवनेश यादव ने इन नवाचारों की गहरी सराहना करते हुए बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तकनीक के माध्यम से दिव्यांगजनों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना शासन की प्राथमिकताओं में से एक है। श्री यादव ने इन उपकरणों की व्यावहारिक उपयोगिता को देखते हुए भविष्य में इन्हें प्रोत्साहित करने और सार्वजनिक स्थानों, सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों व शिक्षण संस्थानों में इनके उपयोग की संभावनाओं पर भी सार्थक विचार-विमर्श किया। यह बैठक तकनीकी नवाचारों और सरकारी प्रयासों के समन्वय से दिव्यांग समुदाय के लिए एक समावेशी, समान और सुलभ वातावरण तैयार करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है।


नारायण टेक्नोक्रेट स्कूल: फीस और बोर्ड पैटर्न को लेकर विवाद, NSUI का प्रदर्शन

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  शहर में स्थित नारायण टेक्नोक्रेट स्कूल एक बार फिर विवादों में है, जहां छात्र संगठन एनएसयूआई ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया है। इस विरोध में संगठन ने प्रतीकात्मक रूप से नोटों से भरा बैग स्कूल के बाहर रखकर फीस और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।

प्रदर्शन नेहरू नगर स्थित स्कूल परिसर के बाहर किया गया। एनएसयूआई नेताओं का आरोप है कि स्कूल ने पूरे सत्र के दौरान अभिभावकों को सीबीएसई पैटर्न के नाम पर फीस लेने के बावजूद वास्तविकता में उसे लागू नहीं किया। उनका कहना है कि सत्र के अंत में छात्रों को छत्तीसगढ़ बोर्ड की परीक्षा में शामिल किया गया, जिससे अभिभावकों और छात्रों को भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ा।

एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव अर्पित केशरवानी ने कहा कि मामला केवल फीस का नहीं, बल्कि भरोसे का है। उनके अनुसार, जिस आधार पर अभिभावकों ने बच्चों का दाखिला कराया, वही शर्तें सत्र के अंत तक बदल दी गईं। संगठन ने मांग की है कि सीबीएसई के नाम पर ली गई अतिरिक्त फीस वापस की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई ने 12 बिंदुओं पर आधारित एक प्रश्नावली भी जारी की, जिसमें स्कूल की मान्यता और संबद्धता की समय-रेखा पर सवाल उठाए गए हैं। संगठन का कहना है कि यदि प्रवेश प्रक्रिया मान्यता और संबद्धता से पहले शुरू हुई थी, तो उस दौरान सीबीएसई पैटर्न के नाम पर फीस लेने का आधार क्या था। हालांकि, इन आरोपों पर स्कूल प्रबंधन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


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