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अपोलो अस्पताल को पुलिस की क्लीन चिट से भड़की कांग्रेस. SSP को ज्ञापन सौंपकर पूछे कड़े सवाल

अस्पताल की लापरवाही या पुलिस की ढिलाई? कथित फ़र्ज़ी कार्डियोलॉजिस्ट मामले में अपोलो प्रबंधन को क्लीन चिट मिलने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  अपोलो अस्पताल के चर्चित फर्जी डॉक्टर प्रकरण में अस्पताल प्रबंधन को कथित तौर पर दी गई क्लीन चिट को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। पार्टी ने मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और उच्चस्तरीय पुनः विवेचना कराने की मांग करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।

पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं बेलतरा विधानसभा के पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय केशरवानी के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी से मुलाकात कर कहा कि इस मामले में केवल कथित फर्जी डॉक्टर की भूमिका की जांच पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए, जिसने संबंधित चिकित्सक की नियुक्ति की और लंबे समय तक मरीजों का उपचार करने की अनुमति दी।

प्रतिनिधिमंडल में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संतोष गर्ग, हितेश देवांगन, दीपक कौशिक, फरीद खान, मनोज यादव, अनिमेष रजक, हरीश यादव सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।

नियुक्ति प्रक्रिया की जांच की मांग

ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि किसी भी अस्पताल की जिम्मेदारी होती है कि वह चिकित्सकों की नियुक्ति से पहले उनकी शैक्षणिक योग्यता, मेडिकल पंजीयन और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का समुचित सत्यापन करे। यदि इस प्रक्रिया में किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

कांग्रेस ने कहा कि थाना सरकंडा में दर्ज अपराध क्रमांक 563/2025 में कथित फर्जी डॉक्टर के साथ-साथ अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध भी प्रकरण दर्ज किया गया था। ऐसे में यदि विवेचना के दौरान अस्पताल प्रबंधन को क्लीन चिट दी गई है, तो यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि किन साक्ष्यों के आधार पर प्रबंधन की जिम्मेदारी समाप्त मानी गई।

वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में हो जांच

कांग्रेस ने मांग की है कि किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की निगरानी में मामले की पुनः जांच कराई जाए। साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया, दस्तावेजों के सत्यापन, प्रशासनिक स्वीकृति तथा अस्पताल प्रबंधन की भूमिका की विस्तृत जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि कांग्रेस इस मामले में पहले भी धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन और "स्वास्थ्य न्याय यात्रा" के माध्यम से पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग उठाती रही है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष और संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़ित परिवारों और आम जनता के साथ लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।

फिलहाल, कांग्रेस के ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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