TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने देश भर के 300 से ज़्यादा होटलों में ठगी और चोरी करने के आरोप में एक अंतरराज्यीय अभियुक्त को गिरफ़्तार किया है.
पकड़े गए अभियुक्त पर रायपुर के एक फ़ाइव-स्टार होटल में ठहरने, बिल का भुगतान न करने और होटल का लैपटॉप चुराने का आरोप है. पुलिस ने अभियुक्त को ओडिशा के भुवनेश्वर से गिरफ़्तार किया है.
पुलिस के मुताबिक़, यह व्यक्ति चार्ल्स शोभराज जैसे कुख्यात अपराधियों से प्रभावित है और पिछले तीन दशकों में क़रीब 15 साल देश की अलग-अलग जेलों में काट चुका है.
क्या है रायपुर का मामला?
रायपुर कमिश्नरेट से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, तेलीबांधा स्थित होटल हयात (Hotel Hyatt) के सिक्योरिटी इंचार्ज सूरज सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज़ कराई थी.
बिना बिल चुकाए फ़रार: शिकायत के मुताबिक़, 25 जून 2026 को 'भीमसेंट जॉन' (Bingsen John) नाम का एक व्यक्ति होटल में आकर ठहरा था. 27 जून की सुबह वह बिना चेक-आउट किए और बिना बिल (63,755 रुपये) चुकाए होटल से फ़रार हो गया.
लैपटॉप की चोरी: आरोप है कि वह अपने साथ वह लैपटॉप भी ले गया, जो उसने होटल प्रबंधन से विशेष अनुरोध पर किराए पर लिया था. इस लैपटॉप की अनुमानित क़ीमत 1.48 लाख रुपये बताई गई है.
जब होटल प्रबंधन ने उससे संपर्क करने की कोशिश की, तो उसके दोनों मोबाइल नंबर बंद मिले. इसके बाद तेलीबांधा थाने में 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज़ किया गया.
तकनीकी जांच और ओडिशा से गिरफ़्तारी
डीसीपी (क्राइम एंड साइबर) स्मृतिक राजनाला और डीसीपी (सेंट्रल ज़ोन) उमेश प्रसाद गुप्ता के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और तेलीबांधा पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.
पुलिस ने अभियुक्त द्वारा होटल में जमा किए गए दस्तावेज़ों और मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया.
जांच में अभियुक्त की लोकेशन ओडिशा के भुवनेश्वर में मिली. इसके बाद पुलिस की एक टीम भुवनेश्वर गई और घटना के 72 घंटे के भीतर अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया. पुलिस ने उसके पास से होटल का लैपटॉप भी बरामद कर लिया है.
पूछताछ में हुए चौंकाने वाले ख़ुलासे
गिरफ़्तार किए गए अभियुक्त की पहचान बिंगसन जॉन (69 वर्ष) के रूप में हुई है. वह मूल रूप से तमिलनाडु के तूतीकोरिन ज़िले का रहने वाला है.
पुलिस की पूछताछ और रिकॉर्ड्स के मुताबिक़:
300 होटलों में ठगी: अभियुक्त ने क़बूला है कि साल 1990 से अब तक उसने देश भर के 300 से ज़्यादा महंगे होटलों (मुख्यतः 5-स्टार) को अपना निशाना बनाया है.
ठगी का तरीक़ा: वह ख़ुद को विदेशी पर्यटकों का गाइड (Foreigner Guide), इंग्लिश टीचर या योगा टीचर बताकर महंगे होटलों में रुकता था. वहां की सुविधाओं का इस्तेमाल करने के बाद वह होटल के उपकरण (जैसे लैपटॉप) चुराकर और बिना बिल चुकाए भाग जाता था.
जेल का लंबा रिकॉर्ड: पुलिस के अनुसार, अभियुक्त मेट्रोपॉलिटन शहरों सहित 10 से ज़्यादा राज्यों में वांछित रहा है. वह पहली बार 1996 में तिहाड़ जेल गया था और अपने जीवन के क़रीब 15 साल अलग-अलग जेलों में बिता चुका है.
तेलीबांधा पुलिस ने अभियुक्त को विधिवत गिरफ़्तार कर लिया है और उससे अन्य राज्यों में किए गए अपराधों के संबंध में पूछताछ की जा रही है.

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