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'बीमा लोकपाल' बनकर की 1.60 करोड़ की साइबर ठगी, विदेशी नेटवर्क से जुड़े तार

तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मनमीत, ईशांत और अमनदीप गिरफ़्तार. पासबुक, चेकबुक और कई सिम कार्ड बरामद

TODAY छत्तीसगढ़  /  दुर्ग ज़िले की रेंज साइबर थाना पुलिस ने बीमा पॉलिसी का पैसा रिफ़ंड (Refund) कराने का झांसा देकर क़रीब 1.60 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफ़ाश किया है.

पुलिस ने इस मामले में दिल्ली से तीन अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया है, जिन्हें तीस हज़ारी कोर्ट (दिल्ली) से ट्रांज़िट रिमांड (Transit Remand) पर दुर्ग लाया गया है. पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस ठगी के पीछे एक विदेशी (नाइजीरियन) नेटवर्क शामिल हो सकता है.

ख़ुद को बताया बीमा लोकपाल का अधिकारी

दुर्ग पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अभियुक्तों ने ख़ुद को 'बीमा लोकपाल' (Insurance Ombudsman) का अधिकारी बताकर पीड़ित से संपर्क किया था.

  • ठगी का तरीक़ा: अभियुक्तों ने पीड़ित को झांसा दिया कि उसकी बीमा पॉलिसी की रुकी हुई रक़म रिफ़ंड करा दी जाएगी. इसके लिए उन्होंने अलग-अलग बहानों से पीड़ित से ऑनलाइन माध्यम (Digital Payments) से अपने बैंक खातों में पैसे ट्रांसफ़र करवाए.

  • पुलिस के मुताबिक़, पीड़ित से अलग-अलग किश्तों में कुल क़रीब 1 करोड़ 60 लाख रुपये ऐंठ लिए गए.

बैंक खातों के विश्लेषण से खुली पोल

शिकायत मिलने के बाद रेंज साइबर थाना दुर्ग ने 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की धारा 318(2), 318(4), 336(3) और आईटी एक्ट की धारा 66-D के तहत मुक़दमा (अपराध क्रमांक 03/2026) दर्ज़ कर जांच शुरू की थी.

विवेचना के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों के लेन-देन (Transactions) का विश्लेषण किया. इसी आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम दिल्ली भेजी गई.

दिल्ली में हुई छापेमारी और गिरफ़्तारी

दिल्ली में पुलिस टीम ने तीन संदिग्धों— मनमीत सिंह, ईशांत माहे और अमनदीप सिंह— की पहचान कर उनसे पूछताछ की.

  • पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पैसों के लालच में फ़र्ज़ी बैंक खाते खुलवाए थे और उन्हें साइबर ठगों को इस्तेमाल के लिए दे दिया था.

  • करोड़ों का लेन-देन: पुलिस जांच में इन खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिली है. अभियुक्तों के ख़िलाफ़ अन्य राज्यों में भी साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज़ पाई गई हैं.

पुलिस ने इनके पास से 6 बैंक पासबुक, 4 चेकबुक, 3 मोबाइल फ़ोन और कई सिम कार्ड ज़ब्त किए हैं.

गिरफ़्तार अभियुक्तों की पहचान:

  1. मनमीत सिंह (42 वर्ष), निवासी- तिलक विहार, तिलक नगर (नई दिल्ली).

  2. ईशांत माहे उर्फ़ ईशु (37 वर्ष), निवासी- चंदर विहार, निलोठी एक्सटेंशन (दिल्ली).

  3. अमनदीप सिंह (33 वर्ष), मूल निवासी- श्रीगंगानगर (राजस्थान), वर्तमान निवासी- चंदर विहार (दिल्ली).

पुलिस ने तीनों अभियुक्तों को 1 जुलाई 2026 को गिरफ़्तार कर लिया था. अब इस मामले में विदेशी नेटवर्क और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश के लिए आगे की क़ानूनी कार्रवाई की जा रही है.

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