TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव ज़िले में पुलिस ने फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों के आधार पर मोबाइल सिम कार्ड जारी करने और उन्हें बेचने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है.
घुमका थाना पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई साइबर अपराधों और धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई है. अभियुक्त को शुक्रवार (3 जुलाई 2026) को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर भेज दिया गया है.
ग्राहकों के दस्तावेज़ों का होता था दुरुपयोग
राजनांदगांव पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक़, घुमका पुलिस को वरिष्ठ अधिकारियों से एक सूचना प्राप्त हुई थी. इसमें बताया गया था कि पीओएस (POS) कोड 'IPZ5' का संचालक अवैध रूप से सिम कार्ड जारी कर लाभ कमा रहा है.
अपराध का तरीक़ा: पुलिस जांच में सामने आया कि अभियुक्त आम ग्राहकों के दस्तावेज़ों का दुरुपयोग कर फ़र्ज़ी तरीक़े से नए सिम कार्ड जारी करता था.
कम क़ीमत पर बिक्री: इसके बाद वह इन फ़र्ज़ी सिम कार्ड्स को कम क़ीमतों पर अज्ञात लोगों को बेच देता था. पुलिस का मानना है कि इस तरह के सिम कार्ड्स का इस्तेमाल मुख्य रूप से साइबर ठगी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया जाता है.
तकनीकी जांच के बाद हुई गिरफ़्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने उन ग्राहकों से पूछताछ की, जिनके दस्तावेज़ों पर ये मोबाइल नंबर जारी किए गए थे. तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidence) की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने पीओएस संचालक को हिरासत में ले लिया.
गिरफ़्तार किए गए अभियुक्त की पहचान नवनीत कुमार साहू (26 वर्ष, निवासी- गिधवा, थाना घुमका) के रूप में हुई है. पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने अपना जुर्म क़बूल कर लिया है.
घुमका थाना पुलिस ने अभियुक्त के ख़िलाफ़ 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), 61(2) (आपराधिक साज़िश) और 'सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम' (IT Act) की धारा 66(C) (पहचान की चोरी) के तहत आपराधिक मामला दर्ज़ किया है.

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