TODAY छत्तीसगढ़ / अयोध्या के राम मंदिर निर्माण के लिए आए चंदे (दान) में कथित हेराफेरी का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है. एक तरफ़ विशेष जांच दल (SIT) इस मामले की तहक़ीक़ात कर रहा है, तो दूसरी तरफ़ विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर हमलावर हैं.
इस मामले में एसआईटी अब तक आठ लोगों को गिरफ़्तार कर चुकी है. इसी बीच, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने बीजेपी और न्याय व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं.
'सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच'
संजय राउत ने राम मंदिर चंदे में कथित गबन की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है. हालांकि, उन्होंने न्यायपालिका पर भी सवाल खड़े किए हैं.
न्यायपालिका पर टिप्पणी: राउत ने कहा, "यह सिर्फ़ कांग्रेस पार्टी की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की भावना है कि इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए. लेकिन, सुप्रीम कोर्ट भी उन्हीं (बीजेपी) के अधीन काम कर रहा है."
उन्होंने दावा किया कि देश की मौजूदा न्याय व्यवस्था में अब ऐसे बहुत कम लोग बचे हैं, जो चाहते हैं कि इस मामले की पूरी सच्चाई साफ़ हो.
अयोध्या को बताया 'अंडरवर्ल्ड'
शिवसेना (UBT) नेता ने राम मंदिर की व्यवस्थाओं और बीजेपी पर निशाना साधते हुए अयोध्या की तुलना 'अंडरवर्ल्ड' से की.
राउत ने अपने बयान में कहा, "अयोध्या हमेशा से एक पवित्र तीर्थ क्षेत्र रहा है. जो कभी भगवान राम की अयोध्या हुआ करती थी, वह अब एक 'अंडरवर्ल्ड' (Underworld) बन चुकी है, जिसे चलाने वाले बीजेपी के लोग हैं."
SIT की जांच जारी
ग़ौरतलब है कि राम मंदिर चंदे में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर एसआईटी लगातार जांच कर रही है. जांच एजेंसी ने अब तक आठ संदिग्धों को गिरफ़्तार किया है और पैसों के लेन-देन के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है.

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