'दीदी के गोठ' वार्षिकोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय वर्चुअली शामिल हुए और स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भरता और उद्यमिता का संदेश दिया। कार्यक्रम में बताया गया कि जिले में 'बिहान' योजना के तहत अब तक 73 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
कृषि महाविद्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बिलासपुर संभाग के विभिन्न जिलों से करीब 500 स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश की आधी आबादी आर्थिक रूप से सशक्त होगी। उन्होंने महिलाओं से उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और आधुनिक तकनीक पर ध्यान देने की अपील की। तखतपुर की एक महिला द्वारा तैयार की जा रही आइसक्रीम का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे महिला उद्यमिता का प्रेरक उदाहरण बताया।
जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी ने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं। वहीं कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि जिला प्रशासन महिलाओं को प्रशिक्षण, ब्रांडिंग और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रहा है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल ने बताया कि बिलासपुर जिले में बिहान योजना के माध्यम से 73 हजार महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाया जा चुका है। साथ ही महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर सेंटरिंग, छत ढलाई और अन्य निर्माण कार्यों में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को सम्मानित किया गया। महिलाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और अपने उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई। कई महिलाओं ने मंच से अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि 'बिहान' से जुड़ने के बाद उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया है तथा वे आज परिवार की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।


.jpeg)