रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि श्रमिक अपने परिश्रम और समर्पण से समाज तथा देश के विकास की मजबूत नींव तैयार करते हैं। वे स्वयं कठिन परिस्थितियों में रहकर दूसरों के जीवन को सुविधाजनक बनाते हैं, इसलिए श्रमिक वास्तव में देश के निर्माता हैं। मुख्यमंत्री शुक्रवार को राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में आयोजित मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 22 मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत दो-दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें कक्षा 10वीं के 9 और कक्षा 12वीं के 13 विद्यार्थी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के संघर्ष, परिश्रम और संकल्प की प्रेरक कहानी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि श्रमिकों के बच्चे केवल श्रमिक बनकर न रह जाएं, बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासक, वैज्ञानिक और अन्य उच्च पदों पर पहुंचकर प्रदेश और देश का नाम रोशन करें।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने श्रमिक कल्याण योजनाओं के तहत 28 हजार 754 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों के बैंक खातों में 7 करोड़ 79 लाख 52 हजार 370 रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की। यह राशि विभिन्न योजनाओं जैसे निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक सहायता, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनीलाल छात्रवृत्ति योजना, श्रमिक औजार सहायता योजना, साइकिल सहायता योजना और पेंशन सहायता योजना के अंतर्गत प्रदान की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि मेधावी विद्यार्थियों को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि के साथ एक लाख रुपये दोपहिया वाहन क्रय करने के लिए भी दिए जा रहे हैं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा और स्वरोजगार के लिए विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण भी किया और प्रदेशवासियों से अपनी माताओं के नाम पर पौधे लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में श्रम विभाग के सचिव एवं श्रम आयुक्त हिमशिखर गुप्ता, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, श्रमिक संगठन के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रमिक और उनके परिवारजन उपस्थित थे।

