जंगलों के बीच स्वास्थ्य की नई रोशनी, मोबाइल मेडिकल यूनिट बनी सहारा


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / घने जंगलों और पहाड़ों से घिरे दूरस्थ जनजातीय गांवों में अब स्वास्थ्य सेवाओं की नई उम्मीद दिखाई देने लगी है। कभी मामूली बीमारी के इलाज के लिए भी कई किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर ग्रामीणों तक अब डॉक्टर और दवाइयां खुद पहुंच रही हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट इन इलाकों में राहत और भरोसे का बड़ा माध्यम बनकर उभरी है।

विशेष रूप से पीवीटीजी समुदायों के लिए शुरू की गई यह पहल अब गांव-गांव तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचा रही है। आधुनिक उपकरणों से लैस मोबाइल मेडिकल यूनिट जैसे ही किसी दूरस्थ बस्ती में पहुंचती है, ग्रामीणों के चेहरों पर राहत साफ दिखाई देती है। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे अब बिना लंबी दूरी तय किए अपने गांव में ही डॉक्टर से जांच और उपचार प्राप्त कर रहे हैं।

राज्य में इस योजना की शुरुआत 31 दिसंबर 2025 को की गई थी। मार्च 2026 तक 3 हजार 103 लोगों का निःशुल्क उपचार किया जा चुका है। इन यूनिट्स के माध्यम से मरीजों की जांच, लैब टेस्ट और आवश्यक दवाइयों की सुविधा भी मुफ्त में उपलब्ध कराई जा रही है।

मोबाइल मेडिकल यूनिट अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। इसमें ईसीजी मशीन, सक्शन मशीन, ऑटोस्कोप, ऑक्सीजन सिलेंडर और आपातकालीन स्ट्रेचर जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। इससे अब ग्रामीणों को इलाज के लिए शहरों या स्वास्थ्य केंद्रों तक नहीं जाना पड़ रहा है।

दूरस्थ गांवों में रहने वाले बुजुर्गों का कहना है कि पहले इलाज के लिए पूरा दिन लग जाता था, लेकिन अब डॉक्टर खुद गांव पहुंच रहे हैं। गर्भवती महिलाओं और बच्चों को समय पर जांच और उपचार मिलने से ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।

स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट हर महीने औसतन 24 दिन निर्धारित रोस्टर के अनुसार गांवों का भ्रमण करती हैं। जिले में फिलहाल तीन मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित हैं। प्रत्येक यूनिट में एक चिकित्सक, स्टाफ नर्स और लैब तकनीशियन तैनात किए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर 2023 को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर पीएम-जनमन योजना की शुरुआत की थी। योजना का उद्देश्य दूरस्थ जनजातीय समुदायों तक शासन की मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है। स्वास्थ्य क्षेत्र में मोबाइल मेडिकल यूनिट इस उद्देश्य को जमीन पर साकार करती नजर आ रही हैं।

इंस्टाग्राम पर दोस्ती, शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती एक युवती के लिए मुसीबत बन गई। शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोप में तोरवा पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार पीड़िता ने 22 मई को थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसकी पहचान आरोपी नीलेश कुमार जायसवाल से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। दोनों के बीच लगातार बातचीत होने लगी और इसी दौरान आरोपी ने युवती का विश्वास जीत लिया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने अपना जन्मदिन मनाने का बहाना बनाकर उसे तोरवा क्षेत्र स्थित एक होटल में बुलाया। वहां शादी करने का झांसा देकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया।

शिकायत दर्ज होने के बाद तोरवा पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। महिला संबंधी अपराधों के त्वरित निराकरण के लिए थाना प्रभारी के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने आरोपी निलेश कुमार जायसवाल (19) निवासी ग्राम जरेली, थाना तखतपुर को उसके घर से गिरफ्तार किया। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर 23 मई  को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

अब घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच, शुरू हुई मोबाइल FSL यूनिट


रायगढ़।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले की कानून व्यवस्था और अपराध जांच प्रणाली को आधुनिक और वैज्ञानिक स्वरूप देने की दिशा में रायगढ़ को बड़ी सौगात मिली है। शुक्रवार को क्षेत्रीय एफएसएल कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया गया।

महापौर जीववर्धन चौहान, सभापति डिग्रीलाल साहू और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने हरी झंडी दिखाकर मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट को रवाना किया। शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई यह हाईटेक यूनिट अब घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच, साक्ष्य संकलन और डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण करने में सक्षम होगी।

कार्यक्रम में महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पुलिस और न्याय व्यवस्था को आधुनिक तकनीकों से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ में क्षेत्रीय एफएसएल लैब की स्थापना के बाद अब मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट शुरू होने से अपराध जांच और अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इसे पुलिस आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि पिछले कुछ महीनों में जिले को साइबर थाना, क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला और डायल-112 के लिए आधुनिक ईआरवी वाहन मिले हैं। अब मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट जुड़ने से घटनास्थल पर तत्काल वैज्ञानिक जांच संभव हो सकेगी, जिससे अपराधियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाने में मदद मिलेगी।

उप संचालक एफएसएल एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी पीएस भगत ने बताया कि नए आपराधिक कानूनों के तहत गंभीर अपराधों और बड़ी दुर्घटनाओं में फॉरेंसिक टीम की तत्काल मौजूदगी जरूरी हो गई है। ऐसे में यह मोबाइल यूनिट मौके पर पहुंचकर त्वरित वैज्ञानिक परीक्षण करेगी, जिससे जांच की गुणवत्ता और विश्वसनीयता दोनों बढ़ेंगी।

मोबाइल फॉरेंसिक वैन “लैब ऑन व्हील्स” सुविधा से लैस है। इसमें हाईटेक सीसीटीवी कैमरे, कंप्यूटर, फिंगरप्रिंट डेवलपमेंट किट, डीएनए सैंपल संग्रह उपकरण, डिजिटल फॉरेंसिक टूल्स, जीएसआर जांच किट, दस्तावेजीकरण उपकरण और जीपीएस आधारित बॉडी वॉर्न कैमरा जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे घटनास्थल पर ही महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य सुरक्षित किए जा सकेंगे और अभियोजन प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी। 

घर की बाड़ी में उगा रहा था गांजा, पुलिस ने किया गिरफ्तार


राजनांदगांव। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लालबाग पुलिस ने गांजा की अवैध खेती करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के घर की बाड़ी से गांजा के छह पौधे जड़ सहित बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में जिले में नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में 22 मई को थाना लालबाग पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम मोहभटटा (चमारराय टोलागांव) निवासी तुलेश्वर साहू अपने घर की बाड़ी में अवैध रूप से गांजा के पौधों की खेती कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से घर की बाड़ी में लगे छह गांजा पौधे जड़ सहित बरामद किए गए। जब्त पौधों की अनुमानित कीमत करीब 12 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना लालबाग में अपराध क्रमांक 218/2026 के तहत धारा 20(क)(i) एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि नशे और अवैध गतिविधियों से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि ऐसे अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

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