पेयजल और खाद वितरण पर भड़के मुख्यमंत्री विष्णु देव, सहायक आयुक्त सस्पेंड


रायपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के दौरान गुरुवार को सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिले का औचक दौरा कर सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ग्रामीणों से आत्मीयता से मिले और उनकी समस्याएं सुनीं।  तीनों जिलों के दौरे के बाद मुख्यमंत्री ने चिरमिरी में अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली, जहां पेयजल समस्या, खराब शालेय परीक्षा परिणाम और खाद वितरण में गड़बड़ी को लेकर उन्होंने अधिकारियों पर नाराजगी जताई।

कोरिया जिले में किसानों को खाद वितरण में अनियमितता पाए जाने पर मुख्यमंत्री ने सहायक आयुक्त एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं आयुष प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के सख्त रुख से बैठक में मौजूद अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति रही।

सूरजपुर जिले के ग्राम रामपुर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से मुलाकात की, तेंदूपत्ता संग्राहक महिलाओं को अपने हाथों से चरण पादुका पहनाई और बच्चों का अन्नप्राशन व नामकरण भी किया। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में हर हाल में टैंकरों के माध्यम से पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लापरवाही की स्थिति में संबंधित कलेक्टर सीधे जिम्मेदार होंगे। स्कूलों के खराब परीक्षा परिणाम पर भी मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए आगामी शिक्षा सत्र के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाने और स्कूलों में पढ़ाई व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा उन्होंने बरसात से पहले पेयजल स्रोतों की सफाई और क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने, मौसमी बीमारियों से बचाव की तैयारी करने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्य समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा कराने के निर्देश दिए।


शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाला आरोपी दोषी करार, 20 साल की सजा


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / चौकी बेलगहना पुलिस की उत्कृष्ट विवेचना के चलते नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म मामले में आरोपी को 20 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। मामले में सहायक उप निरीक्षक मोतीलाल सूर्यवंशी की सटीक और त्रुटिरहित विवेचना की सराहना की जा रही है।

जानकारी के अनुसार 13 अप्रैल 2024 को आरोपी रामसागर मानिकपुरी (20 वर्ष), निवासी ग्राम सिलपहरी चौकी बेलगहना थाना कोटा, द्वारा एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले जाया गया था। परिजनों की रिपोर्ट पर चौकी बेलगहना में अपराध क्रमांक 636/2024 के तहत धारा 137(2) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

प्रकरण की विवेचना सहायक उप निरीक्षक मोतीलाल सूर्यवंशी द्वारा की गई। जांच के दौरान पुलिस टीम ने बालिका को तमिलनाडु के शिवपेट क्षेत्र से बरामद किया। विवेचना में सामने आया कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर नाबालिग को भगाया था और उसे डरा-धमकाकर लगातार शारीरिक संबंध बनाता रहा। इसके बाद मामले में धारा 87, 64(2)(ड), 351(3) बीएनएस तथा 4 और 6 पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।

ASI मोतीलाल सूर्यवंशी द्वारा त्वरित और मजबूत साक्ष्यों के साथ अभियोग पत्र विशेष न्यायाधीश एफटीसी कोर्ट बिलासपुर में प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई के बाद माननीय न्यायालय ने 12 मई 2025 को आरोपी रामसागर मानिकपुरी को विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष की सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई। इस फैसले को पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है। न्यायालय का फैसला आने के बाद जिले वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने ASI मोतीलाल सूर्यवंशी को कैश रिवार्ड से पुरस्कृत करने का ऐलान किया है। 

आत्महत्या नहीं, निकली हत्या… बेलगहना पुलिस ने सुलझाया मामला

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  बेलगहना चौकी क्षेत्र के ग्राम रतखण्डी में युवक की कथित आत्महत्या का मामला पुलिस जांच में हत्या निकला। बेलगहना पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मृतक के पिता, भाई और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार 20 मई को उमेन्द सिंह पटेल ने बेलगहना चौकी पहुंचकर बताया कि उसके बेटे गौरीशंकर पटेल (23 वर्ष) ने जहर सेवन कर आत्महत्या कर ली है। मौके पर जहर की शीशी भी पड़ी मिली थी। पुलिस ने धारा 194 बीएनएसएस के तहत मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पंचनामा और घटनास्थल निरीक्षण के दौरान पुलिस को मृतक के शरीर पर चोट के निशान मिले, जिससे मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद फॉरेंसिक टीम को बुलाकर जांच कराई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों में हत्या के संकेत मिलने पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच में पता चला कि मृतक गौरीशंकर शराब पीने का आदी और झगड़ालू प्रवृत्ति का था। वह अक्सर परिवार के लोगों से विवाद करता था। घटना की रात भी वह अत्यधिक शराब के नशे में था और घर में झगड़ा कर रहा था।

पुलिस पूछताछ में पिता उमेन्द सिंह पटेल, भाई शिवशंकर पटेल और एक नाबालिग ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि विवाद के दौरान उन्होंने गौरीशंकर को मारपीट कर गिरा दिया और रस्सी से हाथ-पैर बांधकर उसका मुंह दबाए रखा, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद हत्या को आत्महत्या दिखाने के लिए घर से कीटनाशक की शीशी लाकर मृतक के मुंह में डाल दी गई और आसपास भी फैला दिया गया, ताकि मामला आत्महत्या जैसा लगे। अगले दिन पिता ने गांव वालों और पुलिस को झूठी आत्महत्या की सूचना दी। पुलिस ने मामले में धारा 238 और 3(5) बीएनएस भी जोड़ी है। गिरफ्तार आरोपियों और अपचारी बालक को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

देश की अखंडता और शांति के लिए लिया गया संकल्प


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / आतंकवाद विरोधी दिवस के अवसर पर बुधवार को जिला कार्यालय परिसर में अधिकारियों और कर्मचारियों ने आतंकवाद एवं हिंसा का डटकर विरोध करने तथा देश की एकता, अखंडता और शांति बनाए रखने का संकल्प लिया।

जिला कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अपर कलेक्टर (एडीएम) श्री शिवकुमार बनर्जी ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आतंकवाद विरोधी शपथ दिलाई। शपथ में कहा गया कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है और प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह हिंसा एवं उग्रवाद से दूर रहकर शांति, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाए।

कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास व्यक्त करते हुए सभी प्रकार की आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियों का विरोध करने का संकल्प लिया। साथ ही समाज में भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही। इस अवसर पर अपर कलेक्टर एसएस दुबे, संयुक्त कलेक्टर अभिषेक दीवान, डिप्टी कलेक्टर रजनी भगत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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