TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले में पुलिस ने रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने के आरोप में एक दंपती के ख़िलाफ़ आपराधिक मामला दर्ज़ किया है.
सरकंडा थाना पुलिस के अनुसार, मुख्य अभियुक्त ने ख़ुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) का अधिकारी बताकर पीड़ित से पैसे ऐंठे थे. जब नौकरी नहीं लगी, तो अभियुक्त ने पीड़ित को गुमराह करने के लिए दुकान दिलाने का झांसा देना शुरू कर दिया.
क्या है पूरा मामला?
सरकंडा क्षेत्र के चिंगराजपारा निवासी विष्णु नारायण महतो ने पुलिस में इस धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज़ कराई है.
ED अधिकारी बनकर झांसा: शिकायत के मुताबिक़, कुछ साल पहले पीड़ित की मुलाक़ात एक परिचित के ज़रिए राहुल मिश्रा (उर्फ़ राहुल भारद्वाज) से हुई थी. राहुल ने ख़ुद को ED का अधिकारी और एक प्रभावशाली व्यक्ति बताया. उसने पीड़ित को भरोसा दिलाया कि वह रेलवे में उसकी नौकरी लगवा देगा.
लाखों की वसूली: नौकरी के नाम पर दिसंबर 2023 में राहुल ने 2.50 लाख रुपये की मांग की. पीड़ित का दावा है कि उसने अलग-अलग किश्तों में कुल 3,14,600 रुपये दिए.
बैंक खाते में ट्रांसफ़र: इन पैसों में से 84 हज़ार रुपये नक़द दिए गए, जबकि 1 सितंबर 2025 को 70 हज़ार रुपये और 1,60,600 रुपये ऑनलाइन राहुल की पत्नी (पद्मा जनार्दन) के बैंक खाते में ट्रांसफ़र किए गए. पैसे लेने के साथ ही अभियुक्त ने पीड़ित की मार्कशीट और अन्य ज़रूरी दस्तावेज़ भी अपने पास रख लिए.
नौकरी नहीं, तो दुकान का दिया लालच
शिकायतकर्ता के अनुसार, जब काफ़ी समय बीत जाने के बाद भी रेलवे में नौकरी नहीं लगी और उसने दबाव बनाया, तो अभियुक्त राहुल ने उसे पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में एक दुकान दिलाने का झांसा देना शुरू कर दिया.
जब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ, तो उसने पुलिस का दरवाज़ा खटखटाया. पीड़ित ने पुलिस को यह भी बताया है कि अभियुक्त राहुल भारद्वाज ने मनु नायक और सुनील कुमार गुप्ता सहित कई अन्य लोगों से भी नौकरी और निगम की दुकान दिलाने के नाम पर इसी तरह की ठगी की है.
पुलिस की कार्रवाई
सरकंडा थाना पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद अभियुक्त राहुल मिश्रा (उर्फ़ राहुल भारद्वाज) और उसकी पत्नी पद्मा जनार्दन के ख़िलाफ़ 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) और 3(5) (समान आशय) के तहत मुक़दमा दर्ज़ कर लिया है. पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है.

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