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महिला सुरक्षा पर सख्त संदेश: “अंधश्रद्धा से बचें, जागरूकता ही सबसे बड़ी ताकत” — विजया रहाटकर


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर के बिलासपुर दौरे ने महिला सुरक्षा, अंधश्रद्धा और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे अहम मुद्दों पर व्यापक चर्चा को जन्म दे दिया है। कलेक्टोरेट स्थित मंथन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक और जनसुनवाई के बाद वे पत्रकारों से रु-ब-रु हुई। उन्होंने सियासी सवालों से किनारा करते हुये देश और राज्य में महिलाओं से संबंधित सवालों का बड़ी ही मुखरता से जवाब दिया।  

एक सवाल के जवाब में विजया किशोर रहाटकर ने स्पष्ट कहा कि महिला सुरक्षा सिर्फ कानून या व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज की सोच और जागरूकता से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर शिकायत को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई और प्रभावी फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए।

देश के किन राज्यों से महिला संबंधी अपराधों की शिकायतें ज्यादा हैं ? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जाहिर तौर पर देश के बड़े राज्यों में संख्या अधिक दिखना स्वाभाविक है, लेकिन महिलाओं की पीड़ा हर जगह समान है। उन्होंने कहा कि हर राज्य की अपनी चुनौतियां हैं, इसलिए सीधी तुलना करना उचित नहीं होगा । 

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर ने बताया कि आयोग को देशभर से हर साल एक लाख से अधिक शिकायतें मिलती हैं। उन्होंने कहा कि हर महिला दिल्ली तक नहीं पहुंच सकती, इसलिए आयोग अब “जनसुनवाई मॉडल” को विस्तार दे रहा है, जिससे दूरदराज की महिलाएं भी सीधे अपनी बात रख सकें और उन्हें त्वरित राहत मिल सके। शिकायत और एफआईआर के अंतर पर उन्होंने कहा कि आयोग का दायरा अलग होता है। कई मामले पहले आयोग तक आते हैं, फिर संबंधित एजेंसियों को भेजे जाते हैं। महत्वपूर्ण यह है कि हर शिकायत को सही मंच तक पहुंचाया जाए ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके। 

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर ने साफ कहा कि कोई एक क्षेत्र ऐसा नहीं है जिसे पूरी तरह “हाई रिस्क जोन” कहा जा सके। जहां सामाजिक विकृति है, वहीं अपराध है। इसलिए पूरे समाज में जागरूकता जरूरी है। देश में हाल ही में हुए महिला उत्पीड़न संबंधी कुछ मामलों के प्रकाश में आने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि विश्वास जरूरी है, लेकिन अंधानुकरण नहीं। महिलाओं को हर स्थिति में समझदारी और सतर्कता से निर्णय लेना चाहिए। समाज को भी इस विषय पर लगातार जागरूक रहना होगा। अशोक खरात से लेकर नासिक के चर्चित मामले पर उन्होंने कहा कि यह घटना पूरे समाज के लिए शर्मनाक है। पढ़े-लिखे लोग भी ऐसे जाल में फंस रहे हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने तथाकथित बाबाओं से सावधान रहने की चेतावनी दी।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण पर उन्होंने कहा कि महिलाएं हमेशा से नेतृत्व करती रही हैं। पंचायत स्तर पर 50 प्रतिशत आरक्षण के बाद महिलाओं ने उत्कृष्ट कार्य किया है, अब राष्ट्रीय स्तर पर भी उन्हें पूरा अवसर मिलना चाहिए। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर र ने अंत में कहा कि कानून और संस्थाएं जरूरी हैं, लेकिन वास्तविक बदलाव तभी आएगा जब समाज की सोच बदलेगी और जागरूकता बढ़ेगी।

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