बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / बहुचर्चित जग्गी हत्याकांड में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट द्वारा दिए गए सरेंडर के आदेश के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। गुरुवार 2 अप्रैल को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने अमित जोगी को तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है।
हाई कोर्ट के इस फैसले के तुरंत बाद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जेसीसीजे) के अध्यक्ष अमित जोगी ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने उच्च न्यायालय के आदेश को अपने साथ “गंभीर अन्याय” बताया है। न्यायालय के आदेश के तुरंत बाद सोशल मीडिया X पर अमित जोगी ने लिखा-
प्रिय मित्रों और शुभचिंतकों 🙏
आज माननीय उच्च न्यायालय ने मेरे विरुद्ध CBI की अपील को मात्र 40 मिनट में स्वीकार कर लिया- बिना सुनवाई का अवसर दिए।
मुझे खेद है कि जिस व्यक्ति को अदालत ने दोषमुक्त किया था, उसे बिना सुनवाई का एक भी अवसर दिए दोषी करार दिया गया। यह अप्रत्याशित है। अदालत ने मुझे 3 सप्ताह के अंदर सरेंडर करने का समय दिया है।
मुझे लगता है कि मेरे साथ गंभीर अन्याय हुआ है। मुझे पूरा विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय से मुझे न्याय अवश्य मिलेगा।
मैं न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास रखता हूँ। मैं पूर्ण शांति, आस्था और धैर्य के साथ आगे बढ़ रहा हूँ। सत्य की जीत अवश्य होगी।
आप सभी से आग्रह है कि मेरे लिए प्रार्थना करें और अपना आशीर्वाद बनाए रखें।
जय छत्तीसगढ़ 🙏
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गौरतलब है कि हाई कोर्ट ने हाल ही में सीबीआई की अपील स्वीकार करते हुए पूर्व के आदेश को पलट दिया और अमित जोगी को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ गई है। जहां एक ओर विपक्ष इस मामले को लेकर सवाल उठा सकता है, वहीं जोगी समर्थक इसे राजनीतिक और कानूनी लड़ाई का हिस्सा बता रहे हैं। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि अमित जोगी आगे क्या कानूनी कदम उठाते हैं और इस मामले में अगला घटनाक्रम क्या होता है।
