[TODAY छत्तीसगढ़] / राज्य के पुलिसकर्मियों और उनके परिवारजनों की समस्याओं को सुनने के साथ-साथ उसके समाधान के विभाग के मुखिया यानी डीजीपी डी.एम.अवस्थी लगातार प्रयास कर रहें हैं। आज उन्होंने राज्य के सभी रेंज के पुलिस महानिरीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है की वे सप्ताह में एक दिन पुलिस परिवार की समस्याओं को सुनने के लिए वक्त निकालें।
राज्य के पुलिस प्रमुख डीएम अवस्थी पुलिसकर्मियों की समस्याएँ सुनने के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचें हैं की उनकी अधिकांश समस्याएं ऐसी हैं जिनका समाधान जिला या रेंज स्तर पर किया जा सकता है। वो ये भी मानते हैं की पुलिस कर्मियों की समस्याओं को सुनने के लिए जिला या रेंज स्तर पर उतनी संवेदनशीलता दिखाई नहीं पड़ती है। यही वजह है की डीजीपी ने राज्य के सभी पुलिस महानिरीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि वे प्रत्येक मंगलवार को जिला मुख्यालय में स्वयं उपस्थित रहकर पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण करेंगे। उन्होंने पुलिस अधीक्षकों से कहा है कि केवल उन्हीं प्रकरणों को अपनी टीप सहित पुलिस महानिरीक्षक या पुलिस महानिदेशक को अग्रेषित करेंगे, जिसका समाधान जिला स्तर पर संभव नहीं है। इसी प्रकार पुलिस महानिरीक्षक भी प्रत्येक बुधवार अपने रेंज के अधिकारी-कर्मचारी की शिकायतों का निराकरण करेंगे।
राज्य के पुलिस प्रमुख डीएम अवस्थी पुलिसकर्मियों की समस्याएँ सुनने के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचें हैं की उनकी अधिकांश समस्याएं ऐसी हैं जिनका समाधान जिला या रेंज स्तर पर किया जा सकता है। वो ये भी मानते हैं की पुलिस कर्मियों की समस्याओं को सुनने के लिए जिला या रेंज स्तर पर उतनी संवेदनशीलता दिखाई नहीं पड़ती है। यही वजह है की डीजीपी ने राज्य के सभी पुलिस महानिरीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि वे प्रत्येक मंगलवार को जिला मुख्यालय में स्वयं उपस्थित रहकर पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण करेंगे। उन्होंने पुलिस अधीक्षकों से कहा है कि केवल उन्हीं प्रकरणों को अपनी टीप सहित पुलिस महानिरीक्षक या पुलिस महानिदेशक को अग्रेषित करेंगे, जिसका समाधान जिला स्तर पर संभव नहीं है। इसी प्रकार पुलिस महानिरीक्षक भी प्रत्येक बुधवार अपने रेंज के अधिकारी-कर्मचारी की शिकायतों का निराकरण करेंगे।
