कलेक्टर से निजी एवं सामुदायिक शिकायत, त्वरित निराकरण के निर्देश


बिलासपुर।
   TODAY छत्तीसगढ़  /  जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में आज कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने लोगों की समस्याएं सुनी। शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने कलेक्टर से मिलकर निजी एवं सामुदायिक शिकायत संबंधी आवेदन दिया। कलेक्टर ने अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल एवं संयुक्त कलेक्टर श्री एसएस दुबे ने भी लोगों की समस्याएं सुनी।   

   जनदर्शन में आज ग्राम भुरकुण्डा के ग्रामीणों ने बड़े नहर पार मार्ग पर वर्षों से सड़क नहीं बनने की समस्या उठाई। उनका कहना है कि खुटाघाट से सोन तक करीब 46-47 मील के बीच चार पहिया वाहन नहीं चल पाते और बरसात के समय पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने लगभग 2 किलोमीटर तक सड़क निर्माण कराने की मांग की है। वहीं एक अन्य आवेदन में ग्राम रांक के निवासी नवल किशोरे ने मिशल, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रशासन से जल्द प्रमाण पत्र जारी करने की अपील की। ग्राम रांक से ही इंदल बंजारे द्वारा पेयजल और बिजली से संबंधित समस्या रखी गई। ग्रामीण ने बताया कि पूर्व में बने बोर को बंद कर दिए जाने से पानी की समस्या बढ़ गई है, वहीं लगातार बिजली कटौती से हालात और खराब हो रहे हैं। उन्होंने कलेक्टर से पानी और बिजली की व्यवस्था सुधारने की मांग की।

   भुरकुण्डा के ग्रामीणों ने भुरकुण्डा और सोडाडीह के बीच छोटे नाले पर पुलिया (रपटा) निर्माण के संबंध में कलेक्टर से मुलाकात की। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया नहीं होने से आवागमन बाधित होता है, खासकर बारिश के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है। ग्राम चोरा के ग्रामीणों न कलेक्टर के समक्ष गंगा मछवारा समिति के विरूद्ध शिकायत करते हुए कहा कि तालाब का पानी मछली पालन के लिए पूरी तरह उपयोग कर लिया जाता है, जिससे हैंडपंप और कुओं का जलस्तर गिर गया है और पीने के पानी की समस्या बढ़ गई है। ग्रामीणों ने उचित कार्रवाई कर तालाब के उपयोग को संतुलित करने की मांग की है। मस्तुरी के एरमसाही निवासी सियाराम कुर्रे ने भूमि सीमांकन न होने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। उनका कहना है कि सीमांकन नहीं होने के कारण भूमि संबंधी कार्य अटके हुए हैं और उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शीघ्र सीमांकन कराने की मांग की है। बिल्हा तहसील के ग्राम कुंआ बोड़सरा के ग्रामीणों ने बोड़सरा धाम के मेला परिसर में पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध कराने कहा। उन्होंने बताया कि हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं, लेकिन पानी की उचित व्यवस्था न होने से विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वहीं एक परिवारिक विवाद के तहत संपत्ति बंटवारे का मामला भी सामने आया है, जिसमें आवेदक ने अपने बड़े भाई पर हिस्सेदारी न देने का आरोप लगाया है और प्रशासन से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। इसके अलावा शहर के नागरिक इफत खान ने घर के पास से गुजर रही जर्जर बिजली लाइन को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि तार बार-बार टूटते हैं और करंट फैलने का खतरा बना रहता है, जिससे गंभीर दुर्घटना की आशंका है। उन्होंने सुरक्षा के मद्देनजर तत्काल लाइन सुधार या हटाने की मांग की है। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए जल्द निराकरण के निर्देश दिए है। 

जनदर्शन में मेधू राम को मिली त्वरित राहत, कलेक्टर ने सौंपी व्हीलचेयर


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  जनदर्शन कार्यक्रम में आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण जिला प्रशासन द्वारा संवेदनशीलता और तत्परता से किया जा रहा है। इसी क्रम में आज आयोजित जनदर्शन में दिव्यांग वृद्ध श्री मेधूराम खांडे की समस्या का तत्काल समाधान करते हुए मौके पर ही कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल द्वारा श्री खांडे को व्हीलचेयर प्रदान की गई। 

   जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में इमलीभाटा अंबेडकर आवास, सरकंडा निवासी श्री मेधू राम खांडे को त्वरित लाभ मिला। वे अपनी समस्या लेकर कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचे थे। उन्होंने अपनी शारीरिक स्थिति को देखते हुए व्हीलचेयर की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आवेदन पर तत्काल संज्ञान लिया और बिना किसी देरी के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही श्री मेधू राम खांडे को व्हीलचेयर प्रदान किया गया। इस दौरान एडीएम श्री शिवकुमार बनर्जी एवं समाज कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक श्री टीपी भावे भी मौजूद थे। इस सहायता से लाभार्थी मेधू राम खांडे के चेहरे पर संतोष और खुशी के भाव देखे गए। 

CVRU: ऑनलाइन गेमिंग के डर से लापता छात्र नागपुर में मिला


बिलासपुर / कोटा। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  गुम इंसान “तलाश अभियान” के तहत कोटा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब 50 दिन से लापता बी-फार्मेसी छात्र को नागपुर से सकुशल बरामद कर लिया है। पूछताछ में सामने आया कि छात्र ऑनलाइन गेमिंग में पैसे हारने और कर्ज के डर से घर से भाग गया था।   

पुलिस के अनुसार, 7 मार्च 2026 को फिरंगीपारा कोटा निवासी राजा मिश्रा ने थाना कोटा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गया (बिहार) निवासी 20 वर्षीय रोहित कुमार, जो डॉ. सीवी रमन विश्वविद्यालय के छात्रावास में रहकर बी-फार्मेसी की पढ़ाई कर रहा था, 6 मार्च से लापता है।  

रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने गुम इंसान क्रमांक 29/2026 कायम कर जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विशेष टीम गठित कर छात्र की तलाश शुरू की गई। इस दौरान छात्रावास, सहपाठियों और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई। साथ ही कॉल डिटेल, बैंक खातों की जानकारी, सीसीटीवी फुटेज और साइबर सेल से प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया। पुलिस टीम ने छात्र की तलाश में दमोह, मथुरा और वृंदावन सहित कई स्थानों पर खोजबीन की, लेकिन सफलता नहीं मिली।

इसी बीच 25 अप्रैल को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर छात्र के नागपुर में होने की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम नागपुर रवाना हुई और 26 अप्रैल को छात्र को बरामद कर थाना लाया गया। पूछताछ में छात्र ने बताया कि वह ऑनलाइन गेमिंग की लत का शिकार हो गया था और कई लोगों से उधार लेकर गेम में पैसे लगाता था। कर्ज बढ़ने और पिता को जानकारी होने के डर से उसने हॉस्टल से भागने की योजना बनाई थी। पुलिस ने छात्र को समझाइश देने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

ट्रांसपोर्ट ऑफिस में घुसकर लूटपाट व तोड़फोड़, पांच आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़ । TODAY छत्तीसगढ़  /  जूटमिल थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड स्थित एक ट्रांसपोर्ट कार्यालय में मारपीट, लूटपाट और तोड़फोड़ की घटना का पुलिस ने त्वरित खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को डकैती सहित गंभीर धाराओं में न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार, प्रार्थी उपेंद्र सिंह (60) निवासी कैदीमुड़ा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 26 अप्रैल की शाम वह अपने कार्यालय जा रहे थे। इस दौरान रास्ते में खड़ी कार को लेकर कुछ युवकों से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।

प्रार्थी जान बचाने के लिए अपने कार्यालय की ओर भागा, लेकिन आरोपी उसका पीछा करते हुए वहां भी पहुंच गए। आरोपियों ने कार्यालय में घुसकर कर्मचारियों के साथ मारपीट की और जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान कर्मचारी बृजनंदन सिंह से मोबाइल छीन लिया गया तथा कैश काउंटर से हिसाब-किताब की डायरी और करीब 1.50 लाख रुपये नगद लूटकर आरोपी वाहन से फरार हो गए। मामले में थाना प्रभारी निरीक्षक अभिनव कांत ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साक्ष्य संकलित कर पांच आरोपियों—शिवा पटेल उर्फ विक्की, सुखसागर सारथी उर्फ सागर, मनोज सारथी, लोकेश्वर साहु और गणेश दास महंत उर्फ नानु—को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने अपने फरार साथियों टिकम और किशन महंत के साथ मिलकर वारदात करना स्वीकार किया है। आरोपियों के पास से लूट की रकम में से मात्र 370 रुपये ही बरामद किए जा सके हैं। पुलिस के अनुसार शेष रकम आरोपियों ने खर्च कर दी या भागते समय गिर गई। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

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