बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के मौके पर पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित राज्योत्सव 2026 में प्रदेश की विकास यात्रा और जनकल्याणकारी योजनाओं की झलक देखने को मिली। ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ थीम पर आयोजित प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों ने 40 स्टॉलों के माध्यम से सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों और तकनीकी नवाचारों की जानकारी दी। लोगों ने स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं और उनसे मिलने वाले लाभों के बारे में जाना।
फोटो प्रदर्शनी में दिखी विकास यात्रा
जनसंपर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों को छायाचित्रों के जरिए प्रस्तुत किया गया। प्रदर्शनी में प्रदेश के बदलते स्वरूप और विकास से जुड़ी पहल को दर्शाया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोठ लइका योजना और मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सहित महिलाओं और बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी। वहीं, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग ने पीएम जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत जनजातीय समुदायों के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों को प्रदर्शित किया।
शिक्षा, परिवहन और स्वरोजगार की योजनाओं पर फोकस
नगर निगम के स्टॉल में नालंदा परिसर, प्रधानमंत्री ई-बस सेवा और पीएम स्वनिधि योजना की जानकारी दी गई। इन योजनाओं के जरिए शिक्षा, सार्वजनिक परिवहन और छोटे कारोबारियों को आर्थिक सहायता देने से जुड़े प्रयासों को सामने रखा गया।
जिला पंचायत ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और वीबी जी राम जी योजना सहित ग्रामीण विकास एवं आजीविका संवर्धन से जुड़ी योजनाओं का प्रदर्शन किया। ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार की गतिविधियां भी प्रदर्शनी का हिस्सा रहीं।
शिक्षा विभाग ने डिजिटल शिक्षा, छात्रवृत्ति, पोषण सहायता, बुनियादी सुविधाओं और समग्र शिक्षा के तहत संचालित योजनाओं को पांच प्रमुख श्रेणियों में प्रस्तुत किया। आयुष विभाग के स्टॉल में निःशुल्क औषधि वितरण, स्वास्थ्य जांच और परामर्श की सुविधा दी गई। साथ ही, सीड बॉल निर्माण, आरोग्य किट और औषधीय पौधों के जरिए लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया गया।
जिले में 3,542 उद्योग स्थापित होने की जानकारी
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत उद्योगों को मिलने वाले अनुदान, छूट और प्रोत्साहन सुविधाओं की जानकारी दी।
प्रदर्शनी में प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक, जिले में पिछले 26 वर्षों के दौरान 3,542 उद्योग स्थापित हुए। इनमें 1,62,252.95 लाख रुपये का पूंजी निवेश हुआ और 20,037 लोगों को रोजगार मिला। पिछले तीन वर्षों में 21 महिला उद्यमियों द्वारा उद्योग स्थापित किए जाने की उपलब्धि भी प्रदर्शित की गई।
राख से बने उत्पादों ने दिखाई तकनीकी नवाचार की झलक
एनटीपीसी सीपत की प्रदर्शनी में पर्यावरण संरक्षण, तकनीकी नवाचार, महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयासों को दर्शाया गया। यहां फ्लाई ऐश से बनी ईंटें, गिट्टी, इंटरलॉकिंग ब्लॉक और पार्क बेंच जैसे उत्पाद प्रदर्शित किए गए।
प्रदर्शनी में पूरी तरह राख से निर्मित ‘विकल्प ईंट’ और राख से रेत बनाने की तकनीक भी दिखाई गई। इसके अलावा, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को भी जगह मिली।
एनटीपीसी सीपत ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहलों की जानकारी देते हुए बताया कि ‘संकल्प’ कोचिंग के माध्यम से 100 से अधिक विद्यार्थियों को जेईई और नीट की निःशुल्क तैयारी कराई गई। बालिका सशक्तिकरण अभियान के तहत 641 बालिकाओं को प्रशिक्षण देने और 153 मेधावी छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने की उपलब्धियां भी प्रदर्शित की गईं।
वन, पुलिस और बिजली विभाग ने भी बताईं उपलब्धियां
राज्योत्सव में वन विभाग, पुलिस विभाग और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड सहित अन्य विभागों ने भी अपने स्टॉल लगाए। इनके माध्यम से विभागीय योजनाओं, गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी गई।
कुल मिलाकर, राज्योत्सव की विकास प्रदर्शनी में महिला सशक्तिकरण, युवाओं के अवसर, स्वरोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय प्रमुखता से सामने आए। 40 स्टॉलों के जरिए लोगों को सरकारी योजनाओं और प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों से रूबरू कराया गया।

