बिलासपुर/तखतपुर: TODAY छत्तीसगढ़ / बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र में पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। शादी का झांसा देकर एक युवती के साथ तीन साल तक दुष्कर्म करने के आरोप में पुलिस ने अपने ही विभाग के एक आरक्षक को गिरफ्तार किया है। आरोपी आरक्षक की पहचान सुमंत मिरी उर्फ संतन मिरी के रूप में हुई है। वह पहले तखतपुर थाने में पदस्थ था और वर्तमान में बिलासपुर पुलिस लाइन में अटैच है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
सोशल मीडिया पर हुई थी पहचान
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वर्ष 2023 में सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी पहचान आरक्षक सुमंत मिरी से हुई थी। उस समय आरोपी की पदस्थापना तखतपुर थाने में थी। बातचीत के दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई।
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने शादी करने का भरोसा दिलाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और लगातार विवाह का आश्वासन देकर करीब तीन वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा। इस दौरान उसका तबादला बिलासपुर हो गया, लेकिन वह पीड़िता के संपर्क में बना रहा।
जांच में सामने आई शादीशुदा होने की बात
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। आरोप है कि उसने अपनी वैवाहिक स्थिति की जानकारी पीड़िता से छिपाई और इसी आधार पर शादी का झूठा भरोसा देता रहा।
शादी की बात उठी तो बदल गया व्यवहार
पीड़िता का आरोप है कि जब उसने शादी करने के लिए दबाव बनाया तो आरोपी का व्यवहार बदल गया। वह विवाद करने लगा और उससे दूरी बनाने लगा। इसके बाद युवती को अपने साथ कथित धोखे का एहसास हुआ और उसने तखतपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
मामले की जांच जारी
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच और पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी आरक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया।
तखतपुर थाना प्रभारी अवनीश पासवान ने बताया कि युवती की शिकायत पर आरोपी आरक्षक के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। उसे गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभाग की छवि धूमिल करने वाले किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
नोट: यह मामला पीड़िता की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय न्यायालय में सुनवाई के बाद ही होगा।

.jpeg)