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ड्रग तस्करों और फ़रार अपराधियों की अब खैर नहीं

बिलासपुर रेंज के IG ने दिए सख़्त निर्देश- "फ़रार अपराधियों के बैंक खाते और पैन कार्ड सीज़ किए जाएं".

TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने रेंज के सभी ज़िलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ क़ानून व्यवस्था और लंबित मामलों को लेकर समीक्षा बैठक की.

बुधवार (1 जुलाई) को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए हुई इस बैठक में मुख्य रूप से NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) एक्ट के मामलों, न्यायालय के वारंटों की तामीली और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों पर चर्चा की गई. आईजी ने गंभीर मामलों में फ़रार अभियुक्तों की गिरफ़्तारी के लिए सख़्त निर्देश दिए हैं.

NDPS मामलों के फ़रार अभियुक्तों पर कसेगा शिकंजा

बैठक में 'एनडीपीएस एक्ट' के तहत लंबित मामलों (जिनमें धारा 173(8) CrPC/193(9) BNSS या 299 CrPC/335 BNSS के तहत चालान पेश हो चुका है) की समीक्षा की गई. आईजी रामगोपाल गर्ग ने कहा कि जिन मामलों में अभियुक्त अभी तक फ़रार हैं, उन्हें पकड़ने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए.

आईजी ने फ़रार अभियुक्तों की गिरफ़्तारी के लिए पुलिस अधीक्षकों को बिंदुवार विशेष गाइडलाइन जारी की है:

  • वित्तीय लेनदेन पर रोक: फ़रार अपराधियों के पैन कार्ड और बैंक खातों की जानकारी जुटाकर उनके वित्तीय लेन-देन पर तत्काल रोक लगाई जाए.

  • तकनीकी निगरानी: नेटग्रिड (NATGRID) का इस्तेमाल कर ख़ूफ़िया जानकारी जुटाई जाए. साथ ही अपराधियों के मोबाइल नंबरों और उनके वाहनों की जानकारी एकत्र की जाए.

  • अंतरराज्यीय समन्वय: अभियुक्तों की गिरफ़्तारी के लिए अन्य राज्यों की पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फ़ोर्स (ANTF) के साथ जानकारी साझा की जाए.

  • पूछताछ: गिरफ़्तार हो चुके सह-अभियुक्तों से कड़ाई से पूछताछ कर फ़रार लोगों के ठिकानों का पता लगाया जाए.

अदालत के वारंट तामील न होने पर आईजी सख़्त

समीक्षा बैठक में न्यायालयीन समन और वारंट की तामीली को लेकर भी चर्चा हुई. गंभीर मामलों में गवाहों (विशेषकर डॉक्टरों और पुलिस अधिकारियों) को अदालत द्वारा जारी ज़मानती/गिरफ़्तारी वारंट की सही तामीली न होने पर आईजी ने कड़ी आपत्ति जताई.

उन्होंने पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि वे वारंट तामीली की स्वयं निगरानी करें और गवाही के लिए वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग (VC) के विकल्पों का इस्तेमाल करें. आईजी ने चेतावनी दी कि यदि लापरवाही की वजह से वारंट रेंज कार्यालय को भेजे जाते हैं, तो संबंधित थाना प्रभारी और नोडल अधिकारी पर ज़िम्मेदारी तय की जाएगी. 

'मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों का समय पर हो निपटारा'

बैठक के दौरान 'मुख्यमंत्री हेल्पलाइन' की शिकायतों पर भी बात की गई. आईजी ने स्पष्ट किया कि समय-सीमा के अंदर शिकायतों का निपटारा होना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि समय बीतने के कारण कोई शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर पहुंचती है, तो पुलिस अधीक्षक इसके लिए ज़िम्मेदार थाना प्रभारियों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर कार्रवाई करें.

बैठक के समापन पर आईजी ने सराफ़ा बाज़ारों की चेकिंग और पिकेट पॉइंट्स पर लगातार गश्त बनाए रखने के निर्देश दिए.

इस बैठक में बिलासपुर ज़िले के एसएसपी रजनेश सिंह, रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह, मुंगेली एसएसपी भोजराम पटेल, कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी, जांजगीर-चांपा एसपी विजय कुमार पांडेय, सक्ती एसपी प्रफुल्ल ठाकुर और रेंज के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं नोडल अधिकारी उपस्थित रहे.

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