बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में अवैध कबाड़ कारोबार के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के बीच कोनी थाने से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला उन दो आरोपियों से जुड़ा है जिन्हें कबाड़ कारोबार से संबंधित कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि पुलिस कस्टडी में होने के बावजूद उन्हें थाने में “वीआईपी ट्रीटमेंट” दिया गया।
जानकारी के मुताबिक 22 मई को पुलिस ने जिले में कई स्थानों पर दबिश देकर 40 संदिग्ध कबाड़ दुकानों और गोदामों को सील किया था। इसके अगले दिन कोनी पुलिस ने छोटी कोनी इलाके से करीब तीन क्विंटल अवैध कबाड़ जब्त कर दो लोगों अकबर खान और मंसूर बेग को गिरफ्तार किया। आरोप है कि दोनों आरोपियों को हवालात में रखने के बजाय थाने के मुंशी कक्ष में बैठाया गया, जहां उन्हें चाय-नाश्ता और ब्रांडेड पानी दिया गया। बताया जा रहा है कि एक आरोपी पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में आराम से कुर्सी पर पैर रखकर बैठा था।
मामले को गंभीर मानते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने हेड कांस्टेबल बालेश्वर तिवारी और कांस्टेबल अनुज जांगड़े को लाइन अटैच कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और अनुशासनहीनता पाए जाने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

