[TODAY छत्तीसगढ़] / कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में वादा किया है की सत्ता मिलने के दस दिन के भीतर किसानों का कर्ज माफ़ कर दिया जाएगा। राज्य में किसान और आम मतदाताओं ने कांग्रेस के चुनावी एलानों पर भरोसा जताया और 15 साल से सत्ता में काबिज भारतीय जनता पार्टी को सिरे से नकार दिया। अब वादा निभाने की बारी है, परिवर्तन के बाद कांग्रेस की प्राथमिकता किसान हैं। इस के मद्देनज़र राज्य के संबंधित विभाग के अधिकारी अभी से सक्रिय हो चुके हैं और किसानो की कर्ज माफ़ी से लेकर अन्य जरूरी जानकारियां जुटाने लगे हैं। वैसे इस बात की पूरी उम्मीद है की आज शाम तक प्रदेश में मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान और सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
छत्तीसगढ़ में नई सरकार अभी गठित नहीं हुई है लेकिन प्रशासनिक हलकों में अभी से ही कर्जमाफी को लेकर कदम बढ़ा दिये गये हैं।सहकारिता विभाग ने सभी सहकारी बैंकों के अलावे संस्थागत वित्त, इंद्रावती भवन के संचालक, राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी के संयोजकों को पत्र जारी कर कर्ज को लेकर रिकार्ड मांगे हैं।रिपोर्ट के मुताबिक किसानों का करीब 5000 करोड़ रुपया कर्ज है, जिसे सरकार माफ करेगी।
सहकारिता विभाग के उप सचिव पीएस सर्पराज के आदेश से जारी हुए पत्र में कहा गया है कि “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा अपने जन घोषणा पत्र में सरकार बनने के 10 दिन के भीतर किसानों का कर्जा माफ करने की घोषणा की गयी है।
छत्तीसगढ़ में नई सरकार अभी गठित नहीं हुई है लेकिन प्रशासनिक हलकों में अभी से ही कर्जमाफी को लेकर कदम बढ़ा दिये गये हैं।सहकारिता विभाग ने सभी सहकारी बैंकों के अलावे संस्थागत वित्त, इंद्रावती भवन के संचालक, राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी के संयोजकों को पत्र जारी कर कर्ज को लेकर रिकार्ड मांगे हैं।रिपोर्ट के मुताबिक किसानों का करीब 5000 करोड़ रुपया कर्ज है, जिसे सरकार माफ करेगी।
सहकारिता विभाग के उप सचिव पीएस सर्पराज के आदेश से जारी हुए पत्र में कहा गया है कि “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा अपने जन घोषणा पत्र में सरकार बनने के 10 दिन के भीतर किसानों का कर्जा माफ करने की घोषणा की गयी है।
