रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / नवा रायपुर जंगल सफारी में बस संचालन को निजी एजेंसियों को सौंपने के प्रस्ताव के विरोध में आज छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व केबिनेट मंत्री और सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मुलाकात कर अपनी गंभीर चिंताएं व्यक्त कीं।
वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे वाहन चालकों और गाइडों की आजीविका पर संकट मंडराना निश्चित तौर पर अत्यंत चिंताजनक है। यह केवल रोजगार का मुद्दा नहीं, बल्कि उनके सम्मान और अधिकारों से भी जुड़ा विषय है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रतिनिधि मंडल की बाते सुनने के बाद कहा कि किसी भी परिस्थिति में छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ के हक और सम्मान से समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।
श्री अग्रवाल का मानना है कि यदि बस संचालन में कोई समस्या है, तो उसका समाधान विभागीय स्तर पर किया जाना चाहिए। पुरानी बसों की मरम्मत कर उन्हें पुनः संचालित करना एक व्यवहारिक और न्यायसंगत विकल्प हो सकता है। उन्होंने प्रतिनिधि मंडल को भरोसा दिलाया कि इस पूरे विषय को शासन के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा, ताकि कर्मचारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
