[TODAY छत्तीसगढ़] / केंद्र सरकार की नौकरियों में सामान्य वर्ग के गरीब अभ्यर्थियों के लिए 10 फीसदी आरक्षण आगामी 1 फरवरी से लागू हो जाएगा। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने इसे लेकर आदेश जारी कर दिया है। यानी 1 फरवरी के बाद केंद्रीय सेवाओं में जो भी रिक्तियाँ निकाली जाएंगी उनमें यह 10 फीसदी आरक्षण लागू होगा। आदेश के मुताबिक, सालाना आठ लाख रुपए से कम आय वाले परिवारों के अभ्यर्थियों को इस आरक्षण का लाभ मिलेगा।
सभी भर्तियों में लागू:कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के संयुक्त सचिव ज्ञानेंद्र देव त्रिपाठी की ओर से शनिवार देर रात जारी आदेश में कहा गया है कि संसद ने संविधान संशोधन कर 10 फीसदी आरक्षण देने का प्रावधान किया है। इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र के सभी पदों एवं सेवाओं के लिए 1 फरवरी 2019 से अधिसूचित होने वाली सभी प्रत्यक्ष भर्तियों पर इसे लागू किया जाता है।
बदलेगा बीएड के फार्म का प्रारूप -
प्रमाणपत्र दिखाना होगा:आदेश के मुताबिक, इस आरक्षण के क्रियान्वयन के लिए अलग से रोस्टर भी बाद में जारी किया जाएगा। आरक्षण का लाभ लेने के लिए गरीब सवर्ण उम्मीदवारों को आय एवं संपत्ति से जुड़ा एक प्रमाणपत्र लेना होगा। यह प्रमाण-पत्र तहसीलदार या इससे उच्च पद पर पदस्थ प्रशासनिक अधिकारी द्वारा जारी किया जाएगा। आरक्षण का लाभ सभी केंद्रीय मंत्रालयों, लोकसेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग, लोकसभा, राज्यसभा, रेलवे, बैंक, केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों और केंद्रीय सचिवालय की सेवाओं में मिलेगा।
शिक्षण संस्थानों के लिए बाद में आदेश-
कार्मिक मंत्रालय के आदेश के अनुसार विश्वविद्यालयों, केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थानों और स्कूलों आदि में प्रवेश के दौरान आरक्षण के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय अलग से आदेश जारी करेगा।
सवर्ण आरक्षण: निजी संस्थानों में 10% कोटे के लिए विधेयक लाएगी सरकार
आर्थिक आधार -
सवर्ण आरक्षण के लिए आठ लाख रुपए सालाना की आयसीमा तय की गई है। सभी स्रोतों से मिलने वाली आय को जोड़कर इसका निर्धारण किया जाएगा। इसके अलावा निम्न चार संपत्तियों से एक भी संपत्ति होने पर आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा।
पांच एकड़ से अधिक कृषि भूमि
एक हजार वर्ग फुट से बड़ा फ्लैट
अधिसूचित नगर निगमों में 100 वर्ग गज या इससे बड़ा प्लॉट
गैर-अधिसूचित स्थानीय निकायों में 200 वर्ग गज या इससे बड़ा प्लॉट
सभी भर्तियों में लागू:कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के संयुक्त सचिव ज्ञानेंद्र देव त्रिपाठी की ओर से शनिवार देर रात जारी आदेश में कहा गया है कि संसद ने संविधान संशोधन कर 10 फीसदी आरक्षण देने का प्रावधान किया है। इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र के सभी पदों एवं सेवाओं के लिए 1 फरवरी 2019 से अधिसूचित होने वाली सभी प्रत्यक्ष भर्तियों पर इसे लागू किया जाता है।
बदलेगा बीएड के फार्म का प्रारूप -
प्रमाणपत्र दिखाना होगा:आदेश के मुताबिक, इस आरक्षण के क्रियान्वयन के लिए अलग से रोस्टर भी बाद में जारी किया जाएगा। आरक्षण का लाभ लेने के लिए गरीब सवर्ण उम्मीदवारों को आय एवं संपत्ति से जुड़ा एक प्रमाणपत्र लेना होगा। यह प्रमाण-पत्र तहसीलदार या इससे उच्च पद पर पदस्थ प्रशासनिक अधिकारी द्वारा जारी किया जाएगा। आरक्षण का लाभ सभी केंद्रीय मंत्रालयों, लोकसेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग, लोकसभा, राज्यसभा, रेलवे, बैंक, केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों और केंद्रीय सचिवालय की सेवाओं में मिलेगा।
शिक्षण संस्थानों के लिए बाद में आदेश-
कार्मिक मंत्रालय के आदेश के अनुसार विश्वविद्यालयों, केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थानों और स्कूलों आदि में प्रवेश के दौरान आरक्षण के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय अलग से आदेश जारी करेगा।
सवर्ण आरक्षण: निजी संस्थानों में 10% कोटे के लिए विधेयक लाएगी सरकार
आर्थिक आधार -
सवर्ण आरक्षण के लिए आठ लाख रुपए सालाना की आयसीमा तय की गई है। सभी स्रोतों से मिलने वाली आय को जोड़कर इसका निर्धारण किया जाएगा। इसके अलावा निम्न चार संपत्तियों से एक भी संपत्ति होने पर आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा।
पांच एकड़ से अधिक कृषि भूमि
एक हजार वर्ग फुट से बड़ा फ्लैट
अधिसूचित नगर निगमों में 100 वर्ग गज या इससे बड़ा प्लॉट
गैर-अधिसूचित स्थानीय निकायों में 200 वर्ग गज या इससे बड़ा प्लॉट
