[TODAY छत्तीसगढ़ ] / छत्तीसगढ़ में निर्वाचन के दूसरे चरण के लिए सोमवार को नामांकन वापसी का आखरी दिन रहा.इस दौरान कई निर्दलीय और बागी प्रत्याशियों ने नाम वापस लेकर किसी दल या फिर प्रत्याशी के पक्ष में समर्थन दिया है। जिला निर्वाचन कार्यालय से नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी कर बाहर निकले जनता दल यूनाइटेड के नेता और बिलासपुर विधानसभा से प्रत्याशी शिवशंकर साहू ने जो कहा वो सियासी अखाड़ेबाजों को भले ही हैरान करने वाला ना हो लेकिन जदयू नेता की पेशानी पर पड़ा बल नाम वापसी के लिए डाले गए दबाव की हकीकत बताने के लिए काफी था।
बिलासपुर विधानसभान के लिए हो रही सियासी कुश्ती में भाजपा कांग्रेस के अलावा भी कई पहलवान ताकत और किस्मत दोनों आजमा रहें हैं। किस्मत आजमाइश के लिए सियासी अखाड़े में कूद पड़े ऐसे ही एक नेता की तकलीफ उस वक्त सामने आई जब चेहरे के सामने कैमरे की आँखों ने देखना शुरू किया। जनता दल यूनाइटेड के नेता शिवशंकर साहू ने बताया की वे पार्टी से टिकट मिलने के बाद विधायक का चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन सामाजिक दबाव के चलते उन्हें आज नाम वापस लेना पड़ रहा है। मीडिया के सामने सामाजिक दबाव के चलते नाम वापसी की बात स्वीकारते शिवशंकर ने कइयों और ऐसी बातें जाने-अनजाने कह दीं जो जनता कांग्रेस से प्रत्याशी बृजेश साहू की कथनी और करनी में अंतर बताता है। शिवशंकर ने साफ़-साफ़ कहा की समाज का काफी दबाव था, चुनाव ना लड़ूँ। समाज से अलग होकर चुनाव लड़ना उचित नहीं लगा क्यूंकि सामाजिक बहिष्कार के बाद दाना-पानी उठने का खतरा था, बेटी की शादी कैसे करता ये बड़ा सवाल था। बातों-बातों में जदयू नेता सामाजिक दबाव की बात को काफी दबाव देकर बोलते रहे, मतलब साफ़ था अगर वो नाम वापस नहीं लेते तो शायद मुश्किलों से घिर जाते। इधर नाम वापस कराने साथ आये बिलासपुर विधानसभा से जनता कांग्रेस के प्रत्याशी बृजेश साहू ने शिवशंकर साहू पर किसी तरह के दबाव की बात को सिरे से ख़ारिज किया है। हालांकि आप दोनों की बातों को सुनेंगे और उनके चेहरे को गौर से पढ़ने की कोशिश करेंगे तो सच समझते देर नहीं लगेगी।

[TODAY छत्तीसगढ़ ] / बिलासपुर जिले के सात विधानसभा में अब कुल 128 प्रत्याशी मैदान में रह गए हैं। तीन नवम्बर को स्क्रूटनी के बाद कुल 146 नामांकन सही पाया गये थे। पांच नवम्बर को तीन बजे तक कुल 18 लोगों ने नामांकन वापिस लिया है। अब मैदान में कुल 128 प्रत्याशी रह गए हैं। कलेक्टर ने आज प्रेसवार्ता कर बताया कि पोलिंग टीम तैयार हो गयी है। ट्रेनिंग के बाद अंतिम प्रक्रिया पूरी कर पार्टी को मतदान के कार्य में रवाना किया जाएगा। कलेक्टर ने बताया कि 20 नवम्बर को मतदान किया जाएगा।
नामांकन वापिस लेने की आज अंतिम तारीख थी। पांच नवम्बर को दोपहर 3 बजे तक कुल 18 लोगों ने नाम वापिस ले लिया है। अब मैदान में कुल 128 उम्मीदवार रह गए हैं। इस बार सर्वाधिक प्रत्याशी बिल्हा विधानसभा से 29 लोग उतरेंगे। सबसे कम संख्या मरवाही विधानसभा से कुल 10 है। मंथन सभागार में कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी पी.दयानन्द ने बताया कि मरवाही से कुल 11 नामांकन सही पाए गए थे। अंतिम दिन एक नामांकन वापिस हुआ है। इसी तरह कोटा में 11, तखतपुर में 24,बिल्हा में 29,बिलासपुर में 28,बेलतरा में 15,मस्तूरी में कुल 11 प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। कलेक्टर ने इस दौरान बताया कि सभी प्रत्याशियों को चुनाव आयोग के निर्देशानुसार चुनाव चिन्ह आवंटित भी कर दिया गया है।


