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[TODAY छत्तीसगढ़ ] /  बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमों मायावती दो दिनी छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं। रविवार को उन्होंने अकलतरा और अंबिकापुर में विशाल जनसभा को सम्बोधित किया। अकलतरा से अजित जोगी की बहु ऋचा जोगी बसपा से उम्मीदवार हैं। ऋचा जोगी के पक्ष में चुनावी सभा को सम्बोधित करने अकलतरा पहुंची बसपा सुप्रीमों मायावती ने विशाल जनसमूह से जीत दिलवाने की अपील की। अकलतरा के बाद मायावती अंबिकापुर पहुंचीं। अंबिकापुर में चुनावी सभा को सम्बोधित करते हुए उन्होंने राज्य में बदलाव की अपील जनता से की। उन्होंने सभा में मौजूद लोगों से कहा की छत्तीसगढ़ में अब जनता कांग्रेस और बहुजन समाजवादी पार्टी के गठबंधन वाली सरकार की जरूरत है क्यूंकि मौजूदा सरकार दलित, आदिवासी विरोधी है। उन्होंने राज्य में बढ़ती नक्सली समस्या के लिए सरकार को जिम्मेदार माना। 
अंबिकापुर के कला केंद्र मैदान में आयोजित जनसभा में मायावती ने नक्सल मसले पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ भोले-भाले लोगों का प्रदेश है।  यहां के लोग शांतिप्रिय हैं लेकिन सरकार की व्यवस्था और कार्यप्रणाली से त्रस्त लोग मज़बूरी में नक्सली बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा की आतंक के रास्ते पर भटककर चले गए लोग राज्य में गठबंधन की सरकार आते ही मुख्यधारा से फिर जुड़ जायेंगे। उन्हें उनका हक़ गठबंधन की सरकार देगी।    
बसपा सुप्रीमों ने कहा की छत्तीसगढ़ के विकास के लिए एक तरफ बसपा-जोगी कांग्रेस का गठबंधन जरुरी है वहीँ अजीत जोगी भी बेहद जरूरी है। मायावती ने भाजपा सरकार को दलित और आदिवासी विरोधी सरकार बताते हुए कहा की दलितों को लम्बे प्रयास के बाद आरक्षण का लाभ मिला जिसे भाजपा सरकार धीरे-धीरे खत्म करना चाहती है। मायावती ने आप जनता से गठबंधन के पक्ष में मतदान करने की अपील के साथ ये भरोसा दिलाया की सरकार में आते ही दलित और आदिवासियों के हक की हमेशा बात होगी, काम होंगे। 
[TODAY छत्तीसगढ़ ] / बस्तर के कोंडागांव जिला मुख्यालय के विकासनगर स्टेडियम में आमसभा को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला, उन्होंने चुनावी जनसभा को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस पर कटाक्ष किया आखिर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस किसके नेतृत्व में चुनाव लड़ रही है ?  उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के संसाधनों का केवल दोहन किया। राज्य को बीमारू बनाने वाले विकास को देखकर परेशान है इस कारण उल्टी-सीधी हरकतें कर रहें हैं।   
छत्तीसगढ़ में पहले चरण में होने वाले मतदान के मद्देनज़र भाजपा का शीर्ष नेतृत्व लगातार सभाएं कर रहा है। बस्तर और राजनांदगांव जिले की छह सीटों को मिलाकर पहले चरण में 18 सीट के लिए 12 नवम्बर को मतदान होना है। इसके मद्देनज़र रविवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह कोंडागांव पहुंचे। उन्होंने भाजपा की रमन सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा की जब से छत्तीसगढ़ में डाक्टर रमन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार बनी तब से प्रदेश का कायाकल्प शुरू हुआ। रमन सिंह ने कम समय में छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया है। छत्तीसगढ़ में फिर से भाजपा की सरकार बनाइये ताकि जिन इलाकों में कुछ काम बच गएँ हैं वो सुचारु ढंग से हो सकें। 
 उन्होंने चुनावी मंच से कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि दस साल केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तब छत्तीसगढ़ को वाजिब अधिकार नहीं मिलता था। ऐसे में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने अकेले विकास के काम किये । अब रमन के साथ केंद्र में मोदी की सरकार है, ये दोनों मिलकर नवा छत्तीसगढ़ बनाएंगे। 
[TODAY छत्तीसगढ़ ] / भारतीय जनता पार्टी द्वारा तय कार्यक्रमों की कड़ी में आज रविवार को प्रदेश भर में कमल दीपावली मनाई गई। इस कार्यक्रम के तहत भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर, एकात्म परिसर सहित प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय एवं मंडल व बुथ स्तर तक परिवारों में रंगोली के माध्यम से कमल फूल बनाकर प्रदेश भर में दीपावली का शुभकामना संदेश प्रसारित किया गया । दीपावली के अवसर पर धनतेरस के एक दिन पूर्व आयोजित इस कार्यक्रम में कमल फूल से सजी रंगोली में दीप प्रज्ज्वलन कर भारतीय जनता पार्टी को पुन: विजय के साथ विकास निरंतरता के लिए दीपावली की शुभकामनाएं एवं बधाईयां दी गई। कमल दीपावली कार्यक्रम के प्रभारी लोकेश कावडिय़ा ने बताया कि प्रदेश भर में एक ही समय निर्धारित किया गया है।  शाम  5 से 8 बजे के मध्य संपन्न इस कार्यक्रम के माध्यम से कार्यकर्ताओं में नये उत्साह का संचार हुआ है और प्रदेश भर के हमारे देवतुल्य कार्यकर्ता पुन: जीत के लिए नये जोश के साथ चुनावी आभियान में जुट गये हैं।

 [TODAY छत्तीसगढ़ ] / प्रदेश से लेकर जिला और ब्लाक स्तर पर कांग्रेस में इन दिनों कलह मचा हुआ है। कोई दावेदारी में पिछड़ जाने का गुस्सा उतार रहा है तो कोई अपनी अहमियत दिखने के फेर में उल्टी-सीधी  हरकतें किये जा रहा है। कांग्रेस में आपसी गुटबाजी और टिकट वितरण के बाद मचे बवाल के बीच रविवार को कांग्रेसी कलह पुराण में एक नया अध्याय जुड़ गया। इस कलह पुराण के मुख्य नायक रहे पार्टी के वरिष्ठ नेता अशोक अग्रवाल जो बिलासपुर विधानसभा से इस बार भी दावेदारों की दौड़ में स्वयं को सबसे आगे मानकर चल रहे थे लेकिन पार्टी ने शैलेश पांडेय को टिकट देकर अशोक को किनारे लगा दिया। शायद अशोक अग्रवाल के मन का वही गुबार आज कांग्रेस प्रत्याशी शैलेष पर निकला। दावेदार और प्रत्याशी के बीच जमकर विवाद हुआ, दावेदार रहे अशोक अग्रवाल ने ना सिर्फ बवाल मचाया बल्कि जोर-जोर से अभद्र भाषा के बीच गालिया बकते रहे। यहां तक की उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को चुनौती दे डाली की वो अब चुनाव जीतकर देख ले। मतलब साफ़ है की इस बार फिर से कांग्रेस प्रत्याशी फूल छाप कांग्रेसियों के हाथ पराजय का मुँह देख सकता है।  हालांकि शैलेश [विरोध करने वालों] सभी को अपना और कांग्रेस का परिवार बता रहें हैं।   
रविवार को कांग्रेस प्रत्याशी शैलेष पांडेय और अशोक अग्रवाल के बीच पार्टी कार्यालय में जमकर विवाद हुआ। दरअसल हुआ यूं कि कांग्रेस भवन में चुनावी रणनीति बनाने के लिए आज बैठक रखी गयी थी। करीब करीब अधिकांश वरिष्ठ कांग्रेसजन तय वक्त 12 बजे पार्टी कार्यालय पहुंच चुके थे, लेकिन प्रत्याशी शैलेश पांडेय बैठक में काफी विलम्ब से पहुंचे।  पार्टी कार्यालय पहुँचते  ही शैलेश पांडेय ने  अशोक अग्रवाल से फोन नहीं उठाने की शिकायत कर डाली, बातचीत का ये सिलसिला देखते ही देखते विवाद में बदल गया। कार्यकर्ताओं और नेताओं की मौैजूदगी में ही शैलेष पांडेय और अशोक अग्रवाल आपस में भिड गये।
गंदी-गंदी गालियां कांग्रेस भवन में दी जाने लगी। इस बैठक में महिला कांग्रेस को भी बुलाया गया था, दो बड़े नेताओं को आपस में इस तरह से गाली-गलौज करते देख महिलाएं भी शर्मिंदा हो गयी। अशोक अग्रवाल ने चेतावनी दी कि “देखता हूं चुनाव कैसे जीतोगे, जोगी भी मेरा नहीं बिगाड़ सके, तो तुम क्या बिगाड़ लोगे” ….उसके बाद अशोक अग्रवाल कांग्रेस भवन से बाहर निकल आए।  इस दौरान टिकट के प्रबल दावेदार अटल श्रीवास्तव ने भी इशारों में शीर्ष नेतृत्व पर खूब सवाल उठाये। अटल श्रीवास्तव ने कहा कि लाठी चार्ज को प्रायोजित बताया जा रहा है, ताकि मुझे टिकट मिल सके, लोग भूल गये कि मैंने 25 सालों में कांग्रेस के लिए बहुत कुछ किया है।

[TODAY छत्तीसगढ़ ] / दीपों के पर्व दीपावली को लेकर बाजार में रौनक बढ़ने लगी है। दीपावली पर्व की शुरूआत कल धनतेरस से हो जाएगी। धनतेरस पर ग्राहकों को रिझाने के लिए आभूषण और बर्तन विक्रेताओं ने विभिन्न स्कीमें व ऑफर जारी कर दिए हैं। घरों और प्रतिष्ठानों को रोशन करने के लिए इलेक्ट्रानिक्स की दुकानों पर चाइनीज लड़ियों की अलग-अलग वैरायटी भी उपलब्ध हैं। इस बरस मिटटी के फैंसी दीपक की भी खूब मांग हैं। 
"करीब एक दशक पहले जब दीपों का पर्व दीपावली आती थी तो कुम्हारों की दिनचर्या ही बदल जाती थी। दीपावली आने से महीनों पहले कुम्हार पूरे परिवार के साथ मिलकर दीये तैयार करने में जुट जाते थे। एक वक्त था जब कुम्हारों को साल भर दीपों के पर्व का इंतजार रहता था। दीये बेचकर उनकी जो कमाई होती थी उससे साल भर कुम्हार का परिवार चल जाता था लेकिन बदलते समय के साथ कुम्हारों का पुष्तैनी काम अब मन्दा पड़ गया है। बाजार का रुप भी बदला है। दीयों का स्थान आज रंग बिरंगी झालरों ने ले ली है। बदले वक्त और बाजार में कुम्हारों की मुश्किलें बढ गयी हैं। दीपावली के पर्व पर लोगों के घरों को रोशनी से जगमग करने वाले कुम्हारों की जिंदगी मे प्रतिवर्ष अन्धेरा बढता चला जा रहा है।"
दीपावली का त्योहार दीयों की रोशनी के बिना अधूरा है। दीप से घर-आंगन को रोशन करने की परंपरा है। आधुनिक चकाचौंध में भी मिट्टी के दीये जलाने की परंपरा आज भी बरकरार है। हालांकि आकर्षक इलेक्ट्रॉनिक झालरों और मोमबत्तियों ने वर्तमान में बाजार में अपनी अच्छी जगह बना ली है। लेकिन फिर भी दीयों की जगमग रौशनी के बिना बिना दीपोत्सव की मिठास फीकी ही नजर आती है। इस वर्ष कोशिश कीजिये सिर्फ मिटटी के दीप जलें ताकि उनकी उम्मीदों को नई रोशनी मिले और आपके साथ दीपावली की खुशियों का दीप उनके घर भी जल सके। 
1509 में अल्मीडा के बाद अल्फांसो द अल्बुकर्क भारत में दूसरे पुर्तग़ाली वायसराय बने।
1619 में फ्रेडरिक पंचम  यूरोपीय देश बोहेमिया के राजा बने।
1822 में दिल्ली में जल आपूर्ति योजना का औपचारिक रूप से शुभारंभ।
1822 में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने  मैरी टोड के साथ शादी की.
1856 में जेम्स बुकानन अमेरिका के 15वें राष्ट्रपति बने।
1875 में अमेरिका के बोस्टन में  मैसाचुसेट्स राइफल एसोसिएशन की स्थापना हुयी।
1911 में अफ्रीकी देश मोरक्को और कांगो को लेकर फ्रांस तथा जर्मनी के बीच  समझौते पर हस्ताक्षर।
1924 में वायोमिंग की नेली टेलो रॉस  संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रथम महिला गवर्नर चुनी गई।
1947 में कश्मीर के बडगांव के मेजर सोमनाथ शर्मा को  पहला परमवीर चक्र मिला। हालांकि उन्हें यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया।
1954 में दार्जिलिंग में हिमालयन पर्वतारोहण की संस्थान की स्थापना  की गई।
1984 में ओ बी अग्रवाल  एमेच्योर स्नूकर के विश्व चैंपियन बने।
1995 में इसराइल के प्रधानमंत्री की हत्या हो गई.
1997 में सियाचीन बेस कैम्प में सेना की आफ़ सिग्नल ने विश्व का सर्वाधिक ऊँचा एस.टी.डी. बूथ स्थापित किया।
2002 में चीन ने आसियान देशों के साथ मुक्त व्यापार क्षेत्र संधि पर हस्ताक्षर किये।
2003 में श्रीलंका की राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा ने  रक्षा, गृह और सूचना मंत्रियों को बर्खास्त कर संसद को निलम्बित किया।
2008 में बराक ओबामा अफ्रीकी मूल के पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बने।
 2015 में पाकिस्तान के लाहौर में एक इमारत ढ़हने से 45 मरे तथा करीब 100 लोग घायल हुए।
4 नवंबर को जन्मे व्यक्ति – 
1618 में मुग़ल शासक औरंगज़ेब का जन्म  हुआ।
1845 में भारत के प्रसिद्ध क्रांतिकारी वासुदेव बलवन्त फड़के का जन्म  हुआ।
 1876 में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान् क्रांतिकारी भाई परमानन्द का जन्म हुआ।
1889 में स्वतंत्रता सेनानी जमनालाल का जन्म  हुआ।
1911 में साहित्यकार एवं स्वतंत्रता सेनानी सुदर्शन सिंह चक्र का जन्म  हुआ।
1957 में ऑस्ट्रेलिया के 28वें प्रधानमंत्री टोनी एबॉट का जन्म  हुआ।
 1971 में  फ़िल्म अभिनेत्री तब्बू का जन्म हुआ।


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